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बदायूं

चालकों ने प्रशासन को सरेंडर की एंबुलेंस, हड़ताल जारी

हिन्दुस्तान टीम,बदायूंPublished By: Newswrap
Thu, 29 Jul 2021 04:02 AM
चालकों ने प्रशासन को सरेंडर की एंबुलेंस, हड़ताल जारी

बदायूं। संवाददाता

मांगों को लेकर तीन दिन से हड़ताल कर रहे एंबुलेंस चालकों से प्रशासन ने दोपहर बाद सभी एंबुलेंस अपने कब्जे में लेकर दूसरे चालकों के हवाले कर दीं। जिससे मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा बहाल हो गयी। लेकिन गाड़ियां सरेंडर करने के बाद भी चालकों की हड़ताल जारी रही। इस घटनाक्रम के बाद एंबुलेंस कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर को दो बजे के बाद सरकारी एबुंलेंस की गाड़ियां चल गयी हैं।

यह गाड़ियां तब चली हैं जब मंगलवार रात से सिटी मजिस्ट्रेट और सीएमओ कर्मचारियों को समझा रहे थे लेकिन वे नहीं मानें। इसके बाद डीएम दीपा रंजन ने सर्विस प्रोपराइटर से चालक मांगकर संचालित कराने को कहा तो सर्विस प्रोपराइट ने प्रशासन को ड्राइवर उपलब्ध कराये।

सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार, सीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर व सीओ सिटी चंद्रपाल सिंह, सीओ उझानी गजेंद्र श्रोत्रिय ने एंबुलेंस कर्मचारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने शर्त रखी की 50 फीसदी एंबुलेंस संचालित की जायें लेकिन वह संचालित करने को तैयार नहीं थे। इस पर प्रशासन ने एंबुलेंस कर्मचारियों से एंबुलेंस गाड़ियां मांगी। एंबुलेंस कर्मचारियों ने 102 की 41 गाड़ियां, 108 की गाड़ियां 38 तथा एएलएस की दो गाड़ियों को प्रशासन को सरेंडर कर दीं। इसके बाद भी एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल जारी बनी हुई है। प्रशासन ने सर्विस प्रोपराइटर से नये चालक मंगवाकर एंबुलेंस गाड़ियां जिले भर में संचालित करा दीं।

लखनऊ रवाना होंगे कर्मचारी

108 व 102 एबुलेंस सेवा के कर्मचारियों को धरना स्थल से प्रशासन ने दौड़ा दिया है। आरोप है कि प्रशासन धरना नहीं करने दे रहा है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि सभी कर्मचारी अब गुरुवार को लखनऊ रवाना होंगे। जहां धरना प्रदर्शन करेंगे और अपने हक की लड़ाई को लड़ेंगे।

दोपहर तक निजी वाहनों पर चले मरीज

जिले में एंबुलेंस चालक हड़ताल पर चल रहे हैं। पिछले दो दिन से एंबुलेंस सेवा बंद है जिससे मरीज परेशान थे। मंगलवार रात से बुधवार की दोपहर तक मरीज परेशान रहे हैं उनको एंबुलेंस नसीब नहीं हुये हैं। मरीजों को आटो, ई-रिक्शा, कार सहित तमाम निजी एव किराये के वाहनों का सहारा लेना पड़ा है। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल में भी वाहन नसीब नहीं हो पाये हैं।

एंबुलेंस सेवा बंद होने से मरीजों को परेशानी हो रही थी। हम आधी रात भी धरनास्थल पर गये थे लेकिन कर्मचारी नहीं माने। डीएम के कहने बाद सर्विस प्रोपराइटर ने ड्राइवर उपलब्ध करा दिये। जिसके बाद बुधवार दोपहर को एंबुलेंस अपने-अपने प्वांइट को भेज दी हैं। एंबुलेंस सेवा संचालित करा दी है। कर्मचारी हड़ताल करें वो उनकी मर्जी है। यूपी का पहला जिला है जहां शतप्रतिशत गाड़ियां चलवा दी हैं।

अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट

सीएमओ ने पुलिस और प्रशासन को ले जाकर दबाव बनवाया और सभी गाड़ियों की चाबियां छीन लीं। अनट्रेंड चालकों से गाड़ियां मंगवाकर अस्पताल में खड़ी करा ली हैं। तमाम चालक 100-100 रुपये पर रखकर गाड़ियां मंगवायीं। कई चालक बिना लाइसेंस वाले भी हैं। अफसरों ने हमारा हक छीनने का काम किया है। धरना स्थल से फोर्स के बल हटवा दिया

दिनेश कुमार, जिलाध्यक्ष 108 व 102 एंबुलेंस सेवा

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