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बदायूं शादी में नहीं मिली बाइक, आश्वासन से चलाया काम

हिन्दुस्तान टीम,बदायूंPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:31 AM


शादी में नहीं मिली बाइक, आश्वासन से चलाया काम

बदायूं। हिन्दुस्तान संवाद

कोरोना कर्फ्यू के चलते साहलग सीजन में ऑटोमोबाइल्स कारोबार को जोर का झटका लगा है। अब तक दो पहिया, चार पहिया बाजार को मिलाकर करीब 25 करोड़ रुपये का बाजार प्रभावित हो चुका है। इन दिनों बाइक एवं कार शोरूम पूरी तरह से बंद हैं। अक्षय तृतीया के पर्व पर भी वाहनों की बिक्री नहीं हो सकी।

सहालग सीजन में जहां लाइन लगाकर बाइक एवं कारों की बिक्री होती थी, वहीं पिछली वर्ष की तरह इस बार भी कोरोना काल के चलते बाइक एवं कारों की एजेंसियों पर ताले जड़े रहे। जिसकी वजह से कोरोबार तो प्रभावित हुआ ही, साथ ही साहलग वाले घराने अपनी बेटी के लिये दहेज में बाइक एवं कार नहीं दे सकें, लेकिन बेटी को आश्वासन जरूर दिया कि एजेंसियां खुलने पर तय की कई बाइक और कार दिलायेंगे।

साहलग सीजन में ऑटोमोबाइल्स कारोबार की बात की जाये तो पूरी सीजन में करीब 3000 बाइकों की बिक्री विगत वर्षो में होती आई है। जिनमें लगभग दो हजार से 2100 बाइकें जीएस हीरो के द्वारा शहर के अलावा देहात की एजेंसियों से बिक्री की जाती रही है। अन्य एजेंसियों से भी करीब 900 से एक हजार बाइकें साहलग सीजन में सेल होती रहीं हैं।

चौपहिया वाहनों की बात की जाये तो पूरी सीजन में 110 कारें भी अलग-अलग एजेंसियों से सेल होती। कोरोना काल के चलते पूरी तरह से बाजार प्रभावित हो गया। ऐसे में एजेंसी स्वामी घरों पर हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। जीएस हीरो के डायरेक्टर अनुपम गुप्ता ने बताया कि पिछली वर्ष की तरह इस बार भी साहलग सीजन बेकार हो गई, लेकिन सबसे पहले खुद को एवं दूसरों को सुरक्षित रखना जरूरी है। कारोबार तो आगे भी होता रहेगा। वैसे एजेंसी बंद होने से नुकसान हैं। एपीएस होंडा के डायरेक्टर अंशुल गुप्ता ने बताया कि एजेंसी बंद है फिर भी अन्य खर्चो के बोझ में दबते जा रहे हैं। सरकार को कारोबारियों के हित में निर्णय लेने की जरूरत है।

बोझ में दबे एजेंसी संचालक

साहलग सीजन में कोरोना काल के चलते एजेंसियां बंद होने से संचालक बोझ में दब गये हैं, क्योंकि एजेंसी पूरी तरह से बंद हैं, लेकिन स्टॉफ को तो भुगतान करना ही पड़ेगा। इसके अलावा बिजली के बिल के अलावा टैक्स भी देना पड़ेगा। सरकार की ओर से अभी तक कारोबारियों को राहत देने के लिये कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

किसानों को नहीं मिले ट्रैक्टर

किसान गेहूं की फसल उठाने के बाद धन आने पर ट्रैक्टर खरीदते हैं, लेकिन इस बार किसान एजेंसियां बंद होने की वजह से चाहकर ट्रैक्टर नहीं ले पाये। किसानों ने अब टैक्ट्रर लेने का प्लान दीपावली, धनतेरस के लिये टाल दिया। गेहूं की फसल उठने के बाद अलग-अलग कंपनियों के विगत वर्षो में 150 से 200 ट्रैक्टर सेल होते आये हैं।

इतना प्रभावित बाजार-25 करोड़

इतनी होती बाइकों की सेल-1500

इतनी रहती कारों की सेल-110

इतने सेल होते ट्रैक्टर-150

जिले में कुल बाइक एजेंसी- 42

जिले में कुल कार एजेंसी-08

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