Devotees reach to listen to Bhagwat katha - बिना भाव भक्ति संभव नहीं: चित्रलेखा DA Image
20 फरवरी, 2020|5:55|IST

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बिना भाव भक्ति संभव नहीं: चित्रलेखा

बिना भाव भक्ति संभव नहीं: चित्रलेखा

श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन देवी चित्रलेखा ने अमृतवाणी की बरसातकी। उन्होंने लोगों को सदमार्ग पर चलकर अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरितकिया। कहा कि छल, कपट व्यक्ति के विनाश का कारण बन जाता है।

चित्रलेखा ने कथा सुनाते हुए कहा कि माता यशोदा ने नंदमहल के सारे भंडारखोल दिए, नंद बाबा ने झोली भर बधाइयां लुटाई। आज सबकी इच्छा पूरी हो रहीहै। कुबेर ने भंडार खोल दिया है और लोग ऐसे बधाइयां लुटा रहे है जैसेगोविन्द के उन्ही की घर जन्म लिया हो। फिर भगवान की बाल लीलाओं का वर्णनकरते हुए बताया के बिना भाव के भक्ति संभव नहीं है। भाव होने से भगवानखुद भक्त को समर्पित हो जाते है। जीव को भगवान के साथ किसी रिश्ते सेजुड़ना पड़ता है। चित्रलेखा ने कथा के दौरान कंश मामा द्वारा भेजी गईपूतना, सकटाशुर, वकाशुर आदि राक्षसों के वध की कथा सुनाई और यमला अर्जुननाम के दो शापित वृक्षों को भगवान की बाल लीला द्वारा मुक्त कराने की कथासुनाई। भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का भी वर्णन किया। कथा के दौरान सुंदरझाकियां निकाली गई। जिन्हें देख भक्त आश्चर्यचकित हो गए।

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  • Web Title:Devotees reach to listen to Bhagwat katha