कैसे खेलेगा इंडिया, जब खेल मैदान पर कब्जा

हिन्दुस्तान, बदायूं
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गांवों में खेलकूद के लिए बनाए गए खेल मैदान बदहाली के आंसू बहा रहे हैं। खेल मैदान की बाउंड्री और उपकरण टूट गए हैं। गांव के लोग अब खेल मैदान का उपयोग निजी रूप से कर रहे हैं। गांव के जिम्मेदार लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे युवा खेल गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं।

कैसे खेलेगा इंडिया, जब खेल मैदान पर कब्जा

गांवों में खेलकूद के लिए बनाए गए खेल मैदान बदहाली के आंसू बहा रहे हैं। इन मैदानों में खेलना कूदना तो दूर, कोई बैठने भी नहीं आता है। खेल मैदान की बाउंड्रीवाल टूटी पड़ी है तो गांव के लोगों ने उपले थापकर इन खेल मैदानों पर कब्जा शुरू कर दिया है। कुंवरगांव क्षेत्र की ग्राम पंचायत फरीदपुर चकोलर में करीब पांच साल पहले खेल का मैदान बनाया गया था। तब इसकी बाउंड्री कराई गई और खेलकूद से संबंधित उपकरण इस मैदान में लगाए गए थे। मंशा साफ थी कि गांव के युवा और बच्चों को खेलने कूदने के लिए दूरस्थ जंगलों में न जाना पड़े। गांव में ही खेलकूद से जुड़ी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल सके। शुरूआती दिनों में यह खेल का मैदान गांव के युवाओं के लिए काफी बढ़िया रहा और युवाओं ने खेलकूद और सुबह की कसरत व वॉक के लिए इस मैदान का भरपूर उपयोग किया, लेकिन अब इस खेल मैदान की स्थिति काफी खराब हो चुकी है।

खेल मैदान की स्थिति

इसकी बाउंड्री वाल टूटी पड़ी है तो मेन गेट भी टूटा हुआ है। खेल मैदान के अंदर लगाए गए खेलकूद के उपकरण भी या टूट गए हैं या कोई इनको निकालकर ले गया है। अब स्थिति यह है खेल मैदान में लोगों ने अपने उपले थोपने शुरू कर दिए हैं। खेल मैदान के बाहर घूर पड़ रहा है और वहीं गांव के लोग खेल मैदान का उपयोग अपने निजी रूप में भी कर रहे हैं।

गांव के जिम्मेदार नहीं देते ध्यान

गांव के जिम्मेदार लोग इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। प्रधान और सचिव की कोई जवाबदेही नहीं है। गांव के लोगों का कहना है कि प्रधान को खेल मैदान से कोई सरोकार नहीं है। जब यह मैदान बना था तो गांव वालों को यहां पर काफी सुकून मिलता था।

युवा करते थे अभ्यास

पुलिस और सेना आदि में भर्ती दौड़ की तैयारी के लिए यह खेल का मैदान गांव के युवाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा था। युवा यहां पर रोज अभ्यास करते थे और कसरत आदि किया करते थे। वहीं छोटे बच्चे यहां पर क्रिकेट आदि खेला करते थे। बुजुर्ग लोग खेल मैदान में आकर ताजी हवा ग्रहण करते थे। अब जबसे इसकी स्थिति खराब होनी शुरू हुई है, तब से लोगों ने खेल मैदान में आना बंद कर दिया है।

सामान्य प्रश्न

गांव के खेल मैदान की स्थिति वर्तमान में कैसी है?
गांव के खेल मैदान की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। इसकी बाउंड्री वाल टूटी पड़ी है और खेलकूद के उपकरण भी टूट गए हैं या गायब हो गए हैं।
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