
मितियों पर खाद को मारामारी, खेतों की जा रही नमी
संक्षेप: Badaun News - जनपद में डीएपी खाद का गंभीर संकट है। किसानों की फसलें बुवाई के बिना रह गई हैं और खेतों से नमी निकल रही है। महिलाएं और पुरुष किसान सुबह से लाइन में लगे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रही। समितियों में खाद की...
जनपद में डीएपी खाद का बड़ा संकट चल रहा है जिसकी वजह से किसानों के खेतों की फसलों की बुवाई नहीं हो पा रही है और खेतों से नमी निकल रही है। खाद के लिए परेशान महिला पुरुष किसान दिन निकलते से लाइन में लगा रहे हैं। इसके बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल रही है समितियां पर खाद का संकट है और मारामारी की स्थिति बनी हुई है। हर रोज समितियां पर हंगामा और धक्का-मुक्की के साथ नोकझोंक हो रही है। जिले में साधन सहकारी समितियां पर खाद को लेकर दिन निकलते ही चूल्हा चौका बर्तन छोड़कर महिला किसान खाद के लिए लाइन में लग रही हैं।
जनपद में सहकारिता विभाग की 132 साधन सहकारी समितियां हैं जिसमें से 20 से ज्यादा समितियां पर खाद नहीं है बाकी समितियां पर जहां-जहां खाद है वहां वितरण में सचिवों की मनमानी और कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। वर्तमान में जिले में किसान लहटा, सरसों, आलू की बुवाई कर रहे हैं। वहीं साथ-साथ गेहूं की बुवाई भी शुरू हो चुकी है। किसान पलेवा कर बुवाई कर रहे हैं लेकिन डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है जिसकी वजह से किस बुवाई नहीं कर पा रहे हैं और खेतों की नमी निकल रही है। समितियां पर सुबह से खाद लेने के लिए किसानों की लाइन सुबह पांच बजे से लग रही हैं और शाम तक इंतजार करते हैं इसके बाद भी चंद किसानों को खाद मिल पाती है और बाकी वापस लौट जा रहे हैं। किसान परेशान है मगर प्रशासन समितियां के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कर पा रहा है जबकि कागजी आंकड़ों पर गौर किया जाए तो सहकारिता विभाग के पास भरपूर खाद है वही समितियां पर देखा जाए तो सचिव कहते हैं खाद का संकट है और उपलब्ध न होने की वजह से वितरण नहीं किया जा रहा है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




