लोक अदालत ने पीड़ित को 4.60 लाख मुआवजे का आदेश
Badaun News - --विद्युत निगम की लापरवाही-- विद्युत निगम की लापरवाही लोक अदालत ने पीड़ित को 4.60 लाख मुआवजे का आदेश विद्युत निगम की लापरवाही लोक अदालत ने पीड़ित को 4

बदायूं, विधि संवाददाता। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष इश्तियाक अली, सदस्य राकेश कुमार रस्तोगी व स्वदेश कुमारी ने विद्युत निगम से जुडे एक हादसे के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने बिजली की बिजली की लाइन के संपर्क में आने से हुई शारीरिक अक्षमता को गंभीर मानते हुए विभाग को पीड़ित के पक्ष में चार लाख 60 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित राशि 30 दिनों के भीतर अदा की जाए, ताकि पीड़ित को समय पर राहत मिल सके। बरेली के थाना व कस्बा भमोरा निवासी अर्जुन सिंह ने स्थाई लोक अदालत में वाद दायर कर विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
वाद में बताया गया कि 23 मई 2013 को वह ट्रक लेकर दातागंज कस्बे में एक खाद की दुकान पर खाद उतारने के बाद ट्रक में बैठकर वापस लौट रहा था। शाम करीब 5.10 बजे परा बाइपास के पास सड़क के ऊपर नीचे लटक रही हाईटेंशन विद्युत लाइन ट्रक से टकरा गई, जिससे अचानक ट्रक में आग लग गई। इस हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया। दोनों पैर बुरी तरह झुलसने के कारण एक पैर की तीन और दूसरे पैर की दो उंगलियां चिकित्सकों को काटनी पड़ीं, जिससे वह स्थायी रूप से विकलांग हो गया। पीड़ित ने अदालत को बताया कि इलाज पर उसने करीब पांच लाख रुपये खर्च किए, लेकिन इसके बावजूद उसका पैर पूरी तरह ठीक नहीं हो सका। उसने समय-समय पर विभाग को कई नोटिस भेजे, पर कोई जवाब नहीं मिला और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया गया। मामले की सुनवाई के बाद स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष इश्तियाक अली, सदस्य राकेश कुमार रस्तोगी व स्वदेश कुमारी ने अधिवक्ता अजय कुमार सिसौदिया की दलीलों को स्वीकार करते हुए फैसला सुनाया। अदालत ने विद्युत निगम को आदेश दिया कि इलाज पर खर्च एक लाख 90 हजार 205 रुपये, स्थायी विकलांगता के लिए दो लाख रुपये, मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये तथा वाद व्यय के 20 हजार रुपये सहित कुल चार 60 हजार 205 रुपये की राशि अदा की जाए।

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