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14 अगस्त, 2020|8:00|IST

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लैब की तरह टू् नेट मशीन देगी कोरोना की फाइनल रिपोर्ट

लैब की तरह टू् नेट मशीन देगी कोरोना की फाइनल रिपोर्ट

कोरोना महामारी से निपटने को बदायूं जिले को दूसरी लैबों का अब रुख नहीं करना पड़ेगा।

जांच बरेली के अलावा लखनऊ और अलीगढ़ में जांच सैंपल भेजकर कराने पढ़ते हैं। अब जल्द ही जिला अस्पताल में ही फाइनल कोरोना की जांच रिपोर्ट टू् नेट से मिलने लगेगी। इसके लिए फाइनल रिपोर्ट किट कार्टेज भेज दी हैं।जिला अस्पताल में शासन से टूनेट मशीन के लिए 40 किट आ गई हैं।

यह किट कोरोना की टू् नेट से फाइनल जांच रिपोर्ट देने को कार्टेज किट हैं। एक जुलाई से जिला अस्पताल में टूनेट मशीन से जो भी जांच होगी वह फाइनल रिपोर्ट कार्टेज किट से जांच की जाएगी। इसमें पहले टूनेट मशीन से जांच होगी उसके बाद एम-आरएनए कार्टेज से स्पष्ट किया जाएगा, जिससे पता चल जाएगा कि जांच कर रहे सैंपल में जो एम-आरएनए कोरोना का है या किसी और का है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो सरकार ने खर्चा कम करने के लिए जिला स्तर पर सुविधा दी है जो बदायूं जिले में भी शुरू हो जाएगी। जिला अस्पताल को मिली 40 किट कार्टेज सुरक्षित रख ली हैं और जांच शुरू होते ही शासन से और आ जाएंगी।

बता दें कि अब तक टू् नेट मशीन से किसी की पॉजीटिव रिपोर्ट आ गई तो कभी किसी की निगेटिव आ गई। इसको लेकर लोगों से अफसर तक असमंजस में रहते थे।कम हो जाएगा ट्रांसपोर्ट का खर्चाकोरोना शुरू होने के बाद से जिला स्वास्थ्य विभाग गैर जिला से जांच करा रहा है।

शुरुआत में लखनऊ और अलीगढ़ से कराई गई। अब पिछले दिनों से बरेली आईवीआरआई से कराई जा रही है, इसकी वजह से विभाग को ट्रांसपोर्ट का खर्चा उठाना पड़ रहा था, जो अब कम हो जाएगा।

18 से 24 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट

जिला अस्पताल में टू् नेट मशीन भी कार्टेज से जांच करेगी जिसके बाद आरटीफीसीआर की तरह फाइनल जांच रिपोर्ट कोरोना की देगी। यह रिपोर्ट लैब से आने में दो से चार दिन लग रहे हैं। जब टू् नेट और कार्टेज से जांच शुरू हो जाएगी तो जांच की रिपोर्ट आने में 18 से 24 घंटे ही लगेंगे। जिससे विभाग को भी काफी आसानी होगी।

क्या है कार्टेज का कार्य

टू् नेट मशीन का कार्य केवल कोरोना की जांच में स्क्रीनिंग कर रिपोर्ट देना है। मगर अब जब टू् नेट के साथ फाइनल रिपोर्ट कार्टेज लग जाएगी तो लैब की तरह फाइनल रिपोर्ट देगी। जिसमें कोरोना स्पष्ट हो जाएगा, क्योंकि कार्टेज से जांच होने पर एम-आरएनए स्पष्ट हो जाता है कि यह कोरोना का है या फिर सामान्य है। जिससे कोरोना की रिपोर्ट अब फाइनल आ जाएगी।

कोरोना की जांच जब लैब पर आरटीफीसीआर से कराने एवं टू् नेट में कार्टेज से कराने में लगभग खर्चा समान ही आता है। सरकार का प्रयास है अब जिले के सैंपल की जांच टू् नेट पर कार्टेज से वहीं हो जाए तो भागदौड़ और समय की बचत हो जाएगी। कार्टेज से एम-आरएनए स्पष्ट हो जाता है कोरोना का है या नहीं। शासन से किटें आ चुकी हैं अब कार्टेज से जांच एक जुलाई से शुरू कर देंगे।

डॉ. सुकुमार अग्रवाल, सीएमएस जिला पुरुष अस्पताल

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  • Web Title:Corona final report will be given as a net machine like lab