झानी नाले का पानी बना आफत, 200 बीघा फसल डूबी

Apr 06, 2026 01:37 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बदायूं
share

Badaun News - उझानी नगर का दूषित नाला किसानों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। अढौली फाटक के पास नाले का पानी फैलने से 200 बीघा खेत जलमग्न हो चुके हैं। फसलें बर्बाद हो गई हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। किसानों की आवाज़ें प्रशासन तक नहीं पहुँच रही हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।

झानी नाले का पानी बना आफत, 200 बीघा फसल डूबी

नगर पालिका क्षेत्र का दूषित नाला अब किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। अढौली फाटक पार नाले का पानी लगातार फैलता जा रहा है, जिससे करीब दो सौ बीघा खेत जलमग्न हो चुके हैं। हालात यह हैं कि पानी अब धीरे-धीरे आबादी की ओर भी बढ़ रहा है। किसानों की फसलें बर्वाद हो गई हैं अब बीमारियों का ग्राफ आबादी में बढ़ने की संभावना है। उझानी नगर का गंदा पानी वर्षों से नरऊ गांव के तालाब में जा रहा था। इस वजह से तालाब ही नहीं, बल्कि आसपास का भूगर्भ जल भी दूषित हो गया था। गांव में पीलिया जैसी बीमारियों का प्रकोप भी फैला और दूषित पानी के कारण कई मौत भी हुईं।

जल निगम की जांच में हैंडपंप का पानी भी दूषित पाया गया था। बावजूद इसके, करीब दो दशकों से इस समस्या को लेकर आवाज उठाने के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं हो सका। वहीं बीते वर्ष कासगंज-बदायूं राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य के दौरान हाईवे नरऊ गांव के समीप से निकला, जिससे नाले का पानी तालाब तक पहुंचना बंद हो गया। इससे नरऊ गांव के लोगों को तो राहत मिल गई लेकिन निकास का कोई वैकल्पिक इंतजाम न होने के कारण समस्या ने अब नया रूप ले लिया है। नाले का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क किनारे खेतों में भरने लगा है और देखते ही देखते करीब दो सौ बीघा भूमि जलमग्न हो गई है।हालात अब इतने बिगड़ चुके हैं कि महिलाएं और बच्चे भी घुटनों तक भरे दूषित पानी में उतरने को मजबूर हैं। बदबूदार और गंदगी से भरे इस पानी के बीच वे किसी तरह अपनी खड़ी फसल काटकर निकाल रहे हैं, ताकि पूरी मेहनत बर्बाद न हो जाए। मजबूरी ऐसी है कि परिवार के सभी लोग खेत में उतरकर फसल को जितना बच सके, उतना बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।दूसरे इलाकों में बढ़ रहा पानीनरऊ के तालाब में रोक के बाद अब यह पानी रामलीला नगला, मीहलालनगला की ओर बढ़ रहा है। नरऊ के मोड़ के पास निजी स्कूल भी तीनों ओर से पानी की चपेट में आ चुका है। अगर स्कूल की बाउंड्री ढहती है तो स्कूल भी जलमग्न हो जाएगा। इसी तरह मिनी एमआरएफ सेंटर भी पानी की जद में आ चुका है। अगर पानी का स्तर बढ़ा तो कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी इसकी चपेट में आएगा।एसटीपी प्लांट के नाम पर धोखाकिसानों का कहना है कि यह समस्या करीब एक साल से जस की तस बनी हुई है। किसान लगातार नगर पालिका से लेकर उच्च अधिकारियों तक गुहार लगा रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं है। प्रशासन की ओर से समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है कि पानी की निकासी के लिए एसटीपी बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि प्लांट बनने के बाद नाले का पानी भैंसोर नदी में छोड़ा जाएगा, तभी इस समस्या से स्थायी राहत मिल सकेगी।किसानों की सुनिए:नरऊ निवासी किसान योगेन्द्र सोलंकी ने बताया कि 25 वर्षों से गांव की एक हजार बीघा जमीन दूषित पानी में डूबी हुई थी, अब हाईवे निर्माण की वजह से दूसरा छोर डूब गया है। नगर पालिका ने किसी को मुआवजा नहीं दिया।योगेंद्र सोलंकी, गांव नरऊनाले के पानी की वजह से एक साल 35 बीघा जमीन डूबी है, हम खेती नहीं कर सकते। तमाम शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं है। खेतों में फसल लगाते हैं तो वह बर्वाद हो जाती है कोई मुआवजा भी नहीं मिलता है।शैलेंद्र कुमार, किसानएक साल से समस्या से बनी हुई है, गंदे पानी से गेंहू निकाल रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं है। जैसे-तैसे गेहूं की फसल खेतों में लगाई थी, गेहूं फसल लगाने में कर्जा हो गया। अब नाले के पानी से फसल बर्वाद हो गई लेकिन अफसरों को दिखाई नहीं देता है।सिद्धवती, मोहल्ला गंजशहीदायह जमीन नगर पालिका की नहीं है लेकिन यह दूषित पानी हमारे खेतों में छोड़ दिया गया है। नगर पालिका चेयरमैन पूनम अग्रवाल हमारी नहीं सुनती, कभी मुलाकात भी नहीं करती। हमारी सुनवाई नहीं है, हम क्या खाएं। भाजपा सरकार ने सिर्फ समस्या दी है।अनेकपाल, किसानकिसानों की फसल नाले के पानी में डूब रही है, आबादी का इलाका भी खतरे में है। किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। आबादी में पानी घुस गया तो बीमारियां फैलने लगेंगी।गौरव यादव, नगर उपाध्यक्ष किसान यूनियन भानु गुट

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।