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लाखों समेटकर मथुरा की चिट्टफंड कंपनी फरार, एजेंट भागे

लाखों समेटकर मथुरा की चिट्टफंड कंपनी फरार, एजेंट भागे

मथुरा की चिटफंड कंपनी ने सात साल तक लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपए समेट लिया। इसके बाद पिछले करीब एक महीने से फरार हो गई है और जिला मुख्यालय की ब्रांच में ताला डालकर कंपनी फरार है। जिसमें जिले के सैकड़ों की संख्या में रुपए जमा करने वाले लोग मैदान में आ चुकी है।

कंपनी फरार होने के बाद अब एजेंट भी फरार हो गए हैं इसके बाद से लोग रुपए वापसी को लेकर दौड़ते घूम रहे हैं लेकिन कोई पता नहीं चल सका है। आखिकार लोगों में आक्रोश आ गया और प्रदर्शनकर महिलाओं ने शिकायती पत्र डीएम को दिया है। मंगलवार को डीएम दिनेश कुमार के सामने शहर मोहल्ला नाहर खां सराय, नई बस्ती, लालपुल इलाके के लोगों ने कल्पवट रियल स्टेट चिटफंड कंपनी का चिठ्ठा खोल दिया है। शिकायत में दर्जनों की संख्या में महिलाओं ने लिस्ट देकर बताया कि उनसे करीब 12 लाख रुपए की उगाही की गई और समय सीमा पूरी हो चुकी है पांच वर्ष के लिए वैसा लिया था अब करीब सात वर्षें होने जा रही हैं। लेकिन इसके बाद भी चिट्ट फंड कंपनी ने उनके पैसा को वापस नहीं किया है। जबकि पैसा एजेंटों ने मूलधन के दोगुने पर लिया था। जिसे अब वापस नहीं किया जा रहा है जबकि परिवारों के आगे आर्थिक संकट है लेकिन कंपनी पैसा को लेकर फरार हो गई है। इस पर पीड़ित लोगों ने डीएम से कार्रवाई कर पैसा वापस कराने की मांग की है लोगों का कहना है कि पैसा तो दोगुने पर लिया था लेकिन अब तो लिया हुआ पैसा भी नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा इस कंपनी के लोगों पर कार्रवाई हो। बतादें कि कल्पवट रियल स्टेट चिटफंड कंपनी का दफ्तर रेलवे स्टेशन रोड पंड़ित जी पेट्रोल पंप के पास है। जहां करीब दो महीने से ताला लटका हुआ है लोग चक्कर लगा-लगाकर लौट जाते हैं। वहीं एजेंटों और कंपनी के अधिकारियों को फोन किया जा रहा है। अब कोई फोन भी रिसीव नहीं किया जा रहा है। इधर कंपनी के एजेंट भी नहीं मिल रहे हैं लगता है एजेंट भी शायद फरार हो गए हैं क्योंकि कंपनी के पास लोगों का लाखों रुपए हैं अभी तक एक ही इलाके के सैकड़ों लोगों का करीब 12 रुपए बकाया सामने आ गया है। कंपनी के एजेंटों ने जिले भर में कंपनी के लिए काम किया था। जिसमें शहर से लेकर देहात कस्बा तक कंपनी चली थी। मगर कंपनी लाखों का धन समेटकर फुर्र हो गई है। फोन नहीं उठा रहे एजेंट, भागेजिले में काफी समय से कल्पवट रियल स्टेट कंपनी संचालित थी और एजेंटों के बल पर कंपनी चल रही थी। कंपनी के द्वारा उगाही करके योजना के नाम पर वैसा लिया जा रहा था। जब से कंपनी में बखेड़़ा हुआ है तब से कार्यालय बंद हो गया है। इसके बाद से कंपनी के एजेंट भागे हुए हैं और लोगों का फोन भी नहीं उठा रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश पनपा हुआ है। इन लोगों का है पैसामंगलवार को जो शिकायत की है काफी लोगों का पैसा जमा है। जिसमें उर्मिला, मंजू , चंद्रकली,सुकन्या देवी, सुनीता, रंजीता, नत्थू लाल, लालमन, गुड्डी, प्रमिला, पिंटू, प्रेमवती, चंद्रपाल, प्रेमा, वीरपाल, जयप्रकाश, रामवीर, चरण सिंह, अनिल सागर, लौंगश्री, जयश्री, सीमा, गुड़िया, सुमन, जयसिंह, ज्ञाना, कमलेश्वरी, वीरेंद्र, सोमवती, रमेश, नीतू, गीता, रेखा देवी, राखी, प्रदीप साहू, राजकुमार, मिलन, रुकमणी देवी, किरण, सपना, रेखा कुमारी, रीमा कुमारी, सूरज सिंह, रीना ने शिकायत की है।बातों में महिलाओं को फंसाते थे एजेंटकल्पवट रियल स्टेट कंपनी ने जिले में अपने एजेंट बना रखे थे, जो जिले भर से किश्तों के रूप में वसूली करते थे लेकिन इन एजेंटों ने जितने भी उपभोक्ता कंपनी के बनाए। उनमें सबसे ज्यादा महिलाएं हैं महिलाओं को यह एजेंट बातों में फंसाते थे और उसके बाद महिलाओं से धन इकठ्ठा किया जाता था। जो कंपनी के लिए दिया गया है इस बात को लेकर अब महिलाएं कह भी रही हैं जिस समय पंजीकरण किया गया उस समय काफी बातें लाभकारी के रूप में बताई गईं।बेटियों की शादी लटकी, मकान बनाने का इंतजारजिले में चली कल्पवट रियल स्टेट कंपनी में थोड़ा-थोड़ा करके पांच वर्ष के लिए कुछ लोगों ने तो इसलिए जमा किया कि पांच वर्ष बाद दो गुना मिलेगा तो बिटिया की शादी कर देंगे, वहीं कुछ लोगों ने सोचा मकान बनवा लेंगे किसी ने कोई और काम सोच रखा था। लेकिन सभी अरमानों पर पानी फिर गया है। लोगों की मानें तो कई लोगो ऐसे हैं जिनकी बिटिया की शादी को दो वर्ष से इंतजार किया जा रहा है लेकिन पैसा अभी तक नहीं मिला है।बदायूं और ऑवला में खरीदी थी जमीनजिले में चिटफंड कंपनी के रूप में सचालित कल्पवट रियल स्टेट कंपनी ने लोगों से किश्तों से रूपये एकठ्ठा किया। बताया जा रहा है कि कंपनी ने इस पैसे से कुछ जमीनें भी खरींदीं हैं जिसमें बदायूं के बिसौली, आसफपुर और ऑवला में जमीन खरीदकर डाली गई है। जिसकी प्लांटिंग भी चल रही है, कंपनी के लोग भी जनता को जमीन बेंचकर पैसा देने का लालच दे रहे हैं काफी जमीन बिक चुकी है लेकिन अभी तक कोई पैसा नहीं दिया गया है।दोगुने लालच में रोजाना देनी होती थी किश्तेंजिले में संचालित रही कल्पवट रियल स्टेट कंपनी ने एजेंटों के माध्मय से योजनाएं चलाईं। इसके बाद योजनाओं के रूप में जनता से किश्तों के हिसाब से पैसा इकट्ठा किया। जिसमें जनता को रोजाना से लेकर पंद्रह दिन और महीने के हिसाब की किश्तें बांधी गईं। लालच दिया गया कि किश्तों के रूप में पैसा लेंगे और सीमित समय के बाद एकठ्ठा पैसा दोगुना करके देंगे। जब सीमित समय के बाद पैसा न मिला तो लोगों ने विवाद खड़ा किया और कंपनी फुर्र हो गई।मथुरा की है कंपनीइस चिट्ट फंड्ड कंपनी के बारे में अगर एजेंट और किश्तों से पैसा देने वाले लोंगों की मानें तो कल्वपत रियल स्टेट कंपनी मथुरा की है और मथुरा में भी ब्रांच खोल रखी है। मथुरा में मुख्य कार्यालय के बाद अलग-अलग जिलों में कंपनी ने ब्रांचें खोली हैं जिसके माध्यम से वसूली की जा रही हैं। वहीं योजनाओं का लालच भी दे रखा है लेकिन अब जनता ने इस चिट्ट फंड कंपनी ने खुलासा कर दिया है।कंपनी ने पैसा लिया और जमीन खरीद डाली प्रापर्टी पर मंदी आ गई है। प्रापर्टी बिक नहीं पा रही है जैसे ही प्रापर्टी बिकेगी वैसे ही लोगों के रुपए का भुगतान कर दिया जाएगा, हम तो तैयार हैं लोग प्लांट खरीद सकते हैं ऑवला और आसफपुर में कंपनी जमीन की प्लांटिंग कर रही है। रही बात आफिस की तो बकाया पैसा मांगने को काफी-काफी संख्या में लोग जाते थे, इसलिए ऑफिस को बंद कर दिया गया है।भानूप्रताप सिंह, डायरेक्टर-कल्वपत रियल स्ट्रेट लिमिटेड मथुरा

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  • Web Title:Chitfund company absconded