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बदायूंगन्ना के बाद किसानों का गेहूं का भुगतान फंसा

हिन्दुस्तान टीम,बदायूंPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:40 AM
गन्ना के बाद किसानों का गेहूं का भुगतान फंसा

गन्ना के बाद अब किसानों का गेहूं भुगतान लटक गया है। सरकार के हाथ गेहूं और गन्ना किसान बेच चुके हैं अब अपनी ही मेहनत की कमान के लिये किसान अफसरों की चौखट पर चक्कर लगा रहे हैं इसके बाद भी किसानों का भुगतान नहीं हैं।

जिले में एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद अब निचोड़ के रास्ते पर प्रशासन ने पहुंचा दी है। बेवसाइट बंद करके गेहूं खरीद को एक तरह से रोक दिया गया है। अब तक जिले में 120 क्रय केंद्रों पर 17 हजार 212 किसानों ने गेहूं बेच दिया है। इन किसानों ने प्रशासन के हाथों तमाम एजेंसियों को सरकार की समर्थन मूल्य योजना के तहत 91 हजार 622 एमटी गेहूं की खरीद हुई है। जिसका किसानों को सरकार द्वारा 18 करोड़ 95 लाख 48 हजार भुगतान हुआ। जिसमें अब तक किसानों का प्रशासन केवल 13 करोड़ 11 लाख पांच हजार का ही भुगतान किया है। किसानों का 4 करोड़ 79 लाख 62 हजार रुपये का भुगतान बकाया चल रहा है। जिसको लटकाये हुये करीब 15 दिन से ज्यादा का समय हो गया है। जबकि सरकार ने किसानों से तीन दिन के अंदर भुगतान करने का वायदा किया था लेकिन सरकार के वायदे की प्रशासन ने खिलाफी कर दी है। जिससे किसान परेशान हैए क्योंकि गन्ना सरकार के हाथ बेंचने के बाद से ही एक अरब 33 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। किसानों का भुगतान ही नहीं किया जा रहा है।

बिना रुपये कैसे करेंगे धान फसल की रोपाई

गन्ना फसल का बकाया भुगतान किसानों को नहीं मिला है। अब गेहूं भी किसानों ने सरकार के हाथ बेच दिया है। इसके बाद भी किसानों का भुगतान नहीं हो सका है। किसानों के खेत खाली पड़े हैं दो बारिश हो चुकी हैं किसान रुपये की कमी के चलते खेतों की जुताई तक नहीं करवा पा रहे हैं। जुताई के लिये धन की जरूरत हैए धान के बीच को धन की जरूरत है। इसके बाद धान रोपाई को पैसा चाहिये लेकिन एजेसियां भुगतान करने को तैयार नहीं है।

शादियां टालने पर परिवारों में विवाद

प्रशासन की किसानों के भुगतान पर रुचि नहीं है। इसके उलट राजस्व बकाया पर किसान का अफसर जीना हराम कर देते हैं। गन्ना के साथ किसानों का गेहूं बेचने के बाद प्रशासन पर बकाया है। परिवारों में शादियां बिना रुपये टूट गई हैं। कई परिवारों में शादियां टूटने से विवाद फैले हैं।

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