
गैर इरादतन हत्या में दोषी को सात साल की सजा
Badaun News - बदायूं में अपर सत्र न्यायाधीश ने नौ साल पहले गैर इरादतन हत्या के आरोपी महावीर को दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे सात साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना अदा करने का आदेश दिया। मामला तब शुरू हुआ जब कालीचरन की महावीर के साथ झगड़े के बाद मौत हो गई।
बदायूं, विधि संवाददाता। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 10 सौरभ सक्सेना ने नौ साल पहले गैर इरादतन हत्या करने के आरोपी पर दोष सिद्ध किया। न्यायाधीश ने दोषी को सात साल की कैद की सजा सुनाई। इसके साथ 10 हजार रुपए जुर्माना अदा करने का हुक्म दिया। अपर शासकीय अधिवक्ता सुधीर कुमार मिश्रा के मुताबिक बिनावर थाना क्षेत्र के चंदौरा गांव निवासी वादी सत्यवीर पुत्र बाबूराम ने थाने में इस आशय की तहरीर दी कि वह मजदूरी करने अलीगढ़ गया था। उसका सगा भाई कालीचरन पुत्र बाबूराम घर पर ही रहकर अपनी खेतीबाड़ी संभाल रहा था। कालीचरण के बच्चे पत्नी दिल्ली में मेहनत मजदूरी करने गए थे।

उसके गांव के महावीर पुत्र रामसहाय 24 नवंबर 2017 को समय करीब 11 बजे उसके घर में उसके भाई कालीचरन के पास आया। किसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। उस समय गांव के किसवर पुत्र फुंदे खां, महेश पुत्र रामशंकर, नाथूलाल, हरदयाल आदि ने कालीचरन को बचाया। महावीर के द्वारा की गई मारपीट से कालीचरन के शरीर में आई चोटों के कारण कुछ देर में कालीचरन की हालत बिगड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कालीचरण के भाई सत्यवीर की तहरीर पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जिसके बाद पुलिस ने इस मालमे में साक्ष्य संकलन करके चार्जशीट कोर्ट में पेश की। जिसके बाद न्यायालय में महावीर पुत्र राम सहाय निवासी ग्राम चंदौरा पर मुकदमा चलाया गया न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अधिवक्ता की दलीलो को सुनने के पश्चात महावीर को दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई।

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