शाह शुजाअत अली मियां का उर्स कुल के साथ संपन्न
Badaun News - हजरत शाह शुजाअत अली मियाँ का 70 वाँ उर्स अकीदत और रूहानी माहौल में समाप्त हुआ। दरगाह शरीफ पर महफिल का आयोजन हुआ जिसमें उलमाओं ने समाज सुधार और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। नात और मंकबत शरीफ का पाठ किया गया और अमन-ओ-शांति के लिए विशेष दुआ की गई।

ककराला। हजरत शाह शुजाअत अली मियाँ का सालाना 70 वाँ उर्स का दूसरा व आख़िरी दिन अकीदत, एहतराम और रूहानी माहौल के साथ बड़े ही शान-ओ-शौकत के साथ संपन्न हुआ। कुल शरीफ़ से पूर्व दरगाह शरीफ पर हुआ जसाल आयोजित हुआ। जिसमें उलमाओं ने दी तालीमात व समाज सुधार का पैगाम दिया। उर्स के मौके पर कुल शरीफ़ से पूर्व दरगाह शरीफ पर रविवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक महफिल का आयोजन किया गया। महफिल में देश के खूसूसी उलमाए किराम हजरत अल्लामा फैज़ान अशरफ, हजरत मुफ्ती फहीम अजहरी सकलैनी, हजरत मौलाना रिफाकत अली सकलैनी आदि ने शिरकत करते हुए साहिबे उर्स हज़रत शाह शुजाअत अली मियां व सिलसिले के अजीम बुज़ुर्गों की तालीमात व हिदायात पर विस्तार से रोशनी डाली।उलमा
ने महफिल में खिताब फरमाया, बुज़ुर्गाने दीन की जिंदगी इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे और अमन का पैगाम देती है। जिस पर अमल करके समाज में फैली बुराइयों को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने लोगों को समाज सुधार, आपसी भाईचारे, नैतिक मूल्यों और इंसानी ख़िदमत के प्रति जागरूक किया।इस दौरान नात ओ मंकबत शरीफ के रूहानी कलाम पेश किये गए। जिसमें हाफिज़ आमिल ककरालवी, हसीब रौनक़ सकलैनी, अंसार सकलैनी, झांसवी, हफ़ीज़ सकलैनी, सय्यद अरबाज़ आदि ने जरारीनों व अकीदतमंदों को खूब लुत्फअंदोज किया। क़ुल शरीफ़ की रस्म अदा, अमन-ओ-शांति के लिए हुई ख़ास दुआ। ठीक 11 बजे मुकर्रर वक़्त पर क़ुल शरीफ़ की रस्म अकीदत व एहतराम के साथ अदा की गई। क़ुल शरीफ की फ़ातिहा सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद गाजी मियां हुज़ूर व हाफ़िज़ गुलाम गौस सकलैनी ने पढ़ी। इस मुबारक मौके पर सज्जादानशीन साहब ने मुल्क व दुनिया भर में अमन-ओ-शांति, आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और इंसानियत की भलाई के लिए ख़ुसूसी दुआ कराई।
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