एसआईआर का डाटा जुटाने में बीएलओ के छूट रहे पसीने

Nov 30, 2025 12:13 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आजमगढ़
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Azamgarh News - आजमगढ़ में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाताओं का डाटा जुटाने में बीएलओ को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विवाहित महिलाओं के लिए मायके का विवरण भरना अनिवार्य होने से परेशानी बढ़ गई है। कई बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म एकत्रित करने में शिथिलता बरत रहे हैं।

एसआईआर का डाटा जुटाने में बीएलओ के छूट रहे पसीने

आजमगढ़, संवाददाता। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाताओं का डाटा जुटाने में बीएलओ के पसीने छूट रहे हैं। इसका सबसे बड़ा भार बीएलओ के कंधों पर आ गया है। गणना प्रपत्र में विवाहित महिलाओं के मायके का विवरण भरना अनिवार्य कर दिये जाने से उनका डाटा जुटाना परिजनों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जिले के दस विधान सभा क्षेत्रों में हैं 37.14 लाख से अधिक मतदाताओं का गणना प्रपत्र शत-प्रतिशत वितरित कर दिये जाने का एक तरफ अधिकारी जहां दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मतदाता गणना प्रपत्रों को के भरने में आ रही परेशानी के चलते कई जगहों पर मतदाता बीएलओ के आने का इंतजार कर रहे हैं।

जिले में एसआईआर कार्य के लिए 3864 बीएलओ की ड्यूटी लगायी गयी है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी बीएलओ के साथ ही गणना कार्य में लगे अन्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि वे घर-घर जाकर मतदाताओं का गणना प्रपत्र एकत्रित कर उसे जमा कराते हुए बीएलओ एप पर डिजिटाइज कराये, इसके बाद भी कई बीएलओ शिथिलता बरत रहे हैं। बता दें जिले में चार नवंबर से यह कार्य शुरू हुआ है, जो चार दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ को घर-घर जाकर एसआईआर फार्म भरवाने का जिम्मा सौंपा गया है। 2003 के बाद मतदाता बनी महिलाओं के समक्ष अत्यधिक चुनौती एसआईआर के दौरान विवाहित महिलाओं को अपने मायके का पूरा मतदान संबंधी विवरण भरना अनिवार्य किया गया है। इसमें विधानसभा का नाम और संख्या, माता-पिता या दादा-दादी की ईिपक संख्या, वोटर क्रमांक, भाग संख्या सहित 2003 की मतदाता सूची का विवरण दर्ज करना है। सबसे बड़ी समस्या उन महिलाओं के सामने है, जो 2003 के बाद मतदाता बनी हैं या जिनके माता-पिता अब अन्य स्थानों पर रहते हैं, जिससे परिवारों से यह जानकारी जुटाने में लंबा समय लग रहा है। परदेश रह रहे मतदाता बने चुनौती निजामाबाद विधान क्षेत्र के परसहां के बीएलओ ने बताया कि हर घनी आबादी में 50 से 60 ऐसे नाम मिल रहे हैं, जिनकी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं। कुछ परिवार मजदूरी के कारण बाहर रह रहे हैं, जिनसे संपर्क कर पाना मुश्किल साबित हो रहा है। वहीं, एसआईआर के दौरान मृत मतदाताओं की संख्या भी सामने आ रही है, जिससे सूची संशोधन में और समय लग रहा है। स्थानीय बीएलओ न होने के का बीएलओ के साथ लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। बीएलओ को संबंधित के घर नहीं मिल रहे हैं तो कहीं उनकी जानकारी। हालांकि प्रशासन ने इसके लिए संबंधित गांव एवं वार्ड में प्रधान, पूर्व प्रधान, सभासद या पूर्व सभासदों को सहयोग करने के लिए कहा गया है। ऐसे भरें फॉर्म आफलाइन के साथ ऑनलाइन भी एसआईआर का फार्म भरा जा सकता है। ऑनलाइन एसआईआर फार्म भरने के लिए आपको चुनाव आयोग की वोटर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन करने के बाद आपको इस पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके लिए वोटर आईडी का मोबाइल नंबर से लिंक होना जरूरी है। मोबाइल नंबर लिंक नहीं है तो इसके लिए फॉर्म-8 भरना होगा। आयोग ने निर्धारित किया है पहचान पत्र केंद्र या राज्य सरकार / सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी और पेंशन भोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश। दिनांक 1 जुलाई 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरणों/ बैंको / डाकघर /एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा भारत में जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/अभिलेख।

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