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समितियों से यूरिया नदारत, परेशान हैं किसान

समितियों से यूरिया नदारत, परेशान हैं किसान

संक्षेप:

Azamgarh News - आजमगढ़ में किसानों को साधन सहकारी समितियों से यूरिया नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं। गेहूं की पहली सिंचाई के दौरान यूरिया की मांग बढ़ गई है। प्राइवेट दुकानदार महंगे दामों पर यूरिया बेच रहे हैं और जबरदस्ती अन्य उत्पाद भी दे रहे हैं। किसान बाजार में 500 रुपये प्रति बोरी तक यूरिया खरीदने को मजबूर हैं।

Dec 17, 2025 10:36 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आजमगढ़
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आजमगढ़, संवाददाता। जिले के साधन सहकारी समितियों से यूरिया नदारत है, किसान परेशान हैं। इस समय गेहूं की पहली सिंचाई शुरू होने से यूरिया की डिमांड बढ़ गयी है। किसान समितियों का चक्कर लगा रहे हैं। प्राइवेट दुकानदार महंगें दामों पर यूरिया किसानों को दे रहे हैं। अधिक दाम लेने के बाद भी जबरदस्ती जिंक, सल्फर दे रहे हैं। जनपद में करीब दो लाख 70 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगायी गयी है। 250 से अधिक साधन सहकारी समितियां सक्रिय हैं। जिनके माध्यम से किसानों को यूरिया की आपूर्ति की जाती है। सहकारिता विभाग ने सदस्यता अभियान चला कर किसानों को समितियों से जोड़ा है।

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किसानों को बड़ी उम्मीद थी, कि जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से यूरिया समिति से मिल जाएगी। गेहूं की पहली सिंचाई शुरू होते ही यूरिया की मांग बढ़ गयी है। समितियों से यूरिया न मिलने से किसान परेशान हैं। जरूत पड़ने पर किसान बाजार से महंगे दामों पर यूरिया की खरीद कर रहे हैं। जनपद के कंधरापुर, मंदुरी, तहबरपुर, कप्तानगंज, महाराजगंज, बिलरियागंज सहित अन्य क्षेत्रों में निजी दुकानदार एक बोरी यूरिया को 300 रुपये से अधिक मूल्य पर किसानों को दे रहे हैं। यूरिया के साथ ही जिंक, सूक्ष्मपोषक तत्व, सल्फर, नैनो यूरिया सहित अन्य उत्पाद जबरदस्ती दे रहे हैं। एक बोरी यूरिया का मूल्य करीब 270 रुपये है, जिंक आदि के साथ किसानों को 450 से 500 रुपये पड़ रही है। साधन सहकारी समितियां 19, सभी खाली सगड़ी। अजमतगढ़ ब्लॉक में कुल 19 साधन सहकारी समितियां हैं, जिन पर अब तक यूरिया नहीं पहुंची हैं। वहीं हरैया ब्लाक में लगभग 16 साधन सहकारी समितियां है, पर एक-दो ही साधन सहकारी समिति पर यूरिया पहुंची थी। वह भी समाप्त हो गयी। किसानों को बाजार से अधिक मूल्य पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। किसान यूरिया के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं। नैनो यूरिया, जिंक जबरदस्ती लेने पर विवस किया जा रहा है। जिससे किसानों को यूरिया 500 रुपये बोरी पड़ रही है। यूरिया नदारत जिवली समिति पर लटक रहा ताला बरदह। सहकारी सोसाइटी बीज भंडार गोदाम जिवली पर बुधवार को ताला लटक रहा था। क्षेत्र के जिवली, सकरामऊ, सहनूडीह, बड़गहन, पिलखुआ, भूलनडीह, पारा, रवनिया समेत कई गांव के किसान यूरिया के लिए भटक रहे हैं। किसान को गेहूं की फसल में जरूरत पड़ने पर बरदह, जिवली, भीरा आदि बाजारों में यूरिया 350 रुपये में दी जा रही है। किसान भोला राय, अभिषेक यादव, महेंद्र राय, बृजेश राय, उमाकांत राय, प्रदीप राय, अजीत राय, करुणाकांत राय, कमला राय, मुन्ना सिंह ने कहा कि समिति पर यूरिया नहीं होने से बाजार से महंगे रेट पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। साधन सहकारी समिति के सचिव अमर सिंह ने बताया जल्द ही जिला मुख्यालय से यूरिया गोदाम पर उपलब्ध होगी। बाजार से 500 रुपये में खरीदी यूरिया लाटघाट। क्षेत्र में साधन सहकारी समिति से यूरिया नदारद है। किसान समिति का चक्कर लगा रहे हैं। साधन सहकारी समिति मोचीपुर पर खाद लेने के लिऐ आये किसान मजीद ने बताया की यूरिया नहीं मिली, निजी दुकान से 500 रुपये बोरी खरीदनी पड़ी। साधन सहकारी समिति मोचीपुर के सचिव परशुराम यादव ने बताया कि हमारी समिति पर कुल नौ गांव हैं। नवंबर माह में यूरिया 450 बोरी यूरिया आयी थी। जिसका वितरण हो चुका है। दिसंबर माह में अभी तक यूरिया नहीं मिली है। यूरिया मिलने ही किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। जनपद में यूरिया का स्टाक पर्याप्त है, जिस समिति पर यूरिया समाप्त हो रही डिमांड पर भेजी जा रही है। शिकायत मिलने पर निजी दुकानदारों की भी जांच की जा रही है। सेंपलिंग भी की जा रही है। निर्धारित मूल्य से अधिक लेने पर यूरिया बेचने पर दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. जीडी सिंह, जिला कृषि अधिकारी।