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आजमगढ़

महिलाओं के आरोपों को पुलिस ने किया जांच में शामिल

हिन्दुस्तान टीम,आजमगढ़Published By: Newswrap
Thu, 08 Jul 2021 03:11 AM
महिलाओं के आरोपों को पुलिस ने किया जांच में शामिल

सगड़ी। हिन्दुस्तान संवाददाता

रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में पुलिस उत्पीड़न के विरोध में चल रहे धरने के बाद बुधवार को पीड़िता की तहरीर में लगाए गए आरोपों को पुलिस ने अपनी जांच में शामिल कर लिया। जिसका विवरण पुलिस ने थाने की जनरल डायरी में दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस तहरीर में पीड़ित महिला ने सीओ सगड़ी सहित पांच थाना प्रभारियों के विरूद्ध गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता की ओर से अभद्रता करने, तोड़ फोड़ व 30 लाख के आभूषण 14 लाख रुपये नकद लूट पाट करने तक का आरोप लगाया है।

धरना स्थल पर पीड़िता सुनीता देवी पत्नी सूर्यभान पासवान ने यह तहरीर दी है। एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर को रौनापार थाने की जीडी में शामिल कर लिया गया है। उन्होने बताया कि सुनीता देवी ने आरोप लगाया है कि घटना की रात करीब नौ बजे सीओ सगड़ी गोपालशरण बाजपेई, रौनापार थानाध्यक्ष तारकेश्वर राय, बिलरियागंज थाना प्रभारी हिमेन्द्र कुमार, कंधरापुर थाना प्रभारी विनोद कुमार, नगर कोतवाली प्रभारी केके गुप्ता फोर्स के साथ पहुंचे। जेसीबी से घर को गिराने लगे। विरोध करने पर सीओ सगड़ी ने डंडा से पिटाई की जाति सूचक गाली दी। घसीटते हुए घर से बाहर कर दिया। इस दौरान महिलाओं के साथ मारापीट व अभद्रता की गई। पुलिस के हमले में सुनीता, प्रियका, प्रभावती व चंपा को चोटे आई थी। श्याम देव, मुन्ना, प्रधान बृजभान व राजपत पासवान के मकान को जेसीबी से तोड़ा गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घरेलू समान को क्षतिग्रस्त कर दिया था।

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