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Hindi News उत्तर प्रदेश आजमगढ़'आज तुमको प्रेम की पाती लिखूं' रचना से ओतप्रोत हुए श्रोत्रा

'आज तुमको प्रेम की पाती लिखूं' रचना से ओतप्रोत हुए श्रोत्रा

आजमगढ़,संवाददाता। वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश प्रसाद बरनवाल कुंद के रेलवे स्टेशन स्थित आवास पर...

'आज तुमको प्रेम की पाती लिखूं' रचना से ओतप्रोत हुए श्रोत्रा
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हिन्दुस्तान टीम,आजमगढ़Sat, 15 Jun 2024 01:00 PM
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आजमगढ़,संवाददाता।
वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश प्रसाद बरनवाल कुंद के रेलवे स्टेशन स्थित आवास पर शुक्रवार की शाम को उप्र साहित्य सभा के तत्वावधान में मासिक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम की शुरूआत संतोष पांडेय के सरस्वती वंदना से हुई। कवि घनश्याम यादव ने ‘संबंधों के बीच यह दुनिया छूटेगी एक दिन सारी जिंदगी ही रुठेगी। सुना कर क्षणभंगुर जीवन से सबको आगाह किया। शालिनी राय ने ‘ प्रिय लिखूं या मित्र या पतिदेव संघाती लिखूं, जी करें कि आज तुमको प्रेम की पाती लिखूं। वरिष्ठ कवि दिनेश श्रीवास्तव ने ‘अंधेरी सूनी रातों में पपीहरा बोलता है, विरह की वेदना के द्वार कोई खोलता है । ने सुना कर कवि गोष्ठी को एक नई ऊंचाई प्रदान की। संतोष पांडेय ने अपनी रचना ‘शब्द भावों को सदा मिलते नहीं, नागफनियों पर कमल खिलते नहीं। सुना कर जगत के वास्तविकता से सबको रूबरू कराया। स्नेहलता राय ने ‘आदर्श की राह में प्यारे ख़ार बहुत हैं, जीत मिलेगी उससे पहले हार बहुत है। सुना कर सकारात्मक सोच के प्रति लोगों को जागरूक किया। आशा सिंह ने ‘ शब्दों के लेकर धागे कुछ गीत बुन रही हूं हर साक्ष्य हो सुरक्षित यह युक्ति गुन रही हूं। सुन कर कवि गोष्ठी के माहौल को संजीदा कर दिया। अध्यक्ष जगदीश प्रसाद बरनवाल कुंद ने अपनी रचना ‘ कुंठा की तोड़ हर दीवार, जाना प्रतिबंधों के पार, रुठी सी लगती क्यों कल्पना, इसको भी कर लें साकार। सुना उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के मंडल संयोजक ‘ संजय कुमार पांडेय सरस ने ‘आज इस देश में माहौल बनाना होगा, आग लगने की जगह फूल खिलाना होगा । सुना कर वातावरण को भाईचारगी के विचारों से ओतप्रोत कर दिया। इसके अलावा रचनाकार मृणाल बरनवाल, संस्था के अध्यक्ष विजयेन्द्र प्रताप श्रीवास्तव करुण, मुख्य अतिथि डॉक्टर प्रवेश सिंह ने अपनी रचना पढ़ी। इस अवसर पर प्रभात कुमार बरनवाल एडवोकेट ने आए हुए सभी कवि एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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