ईरान-इजराइल युद्ध में जिले के फंसे हजारों लोग

Mar 01, 2026 11:29 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आजमगढ़
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Azamgarh News - आजमगढ़ के हजारों लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं, जबकि अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण लोगों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। भारतीय दूतावास ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोग अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और घर लौटने की उम्मीद में हैं।

ईरान-इजराइल युद्ध में जिले के फंसे हजारों लोग

आजमगढ़, संवाददाता। ईरान-इजराइल युद्ध के बीच अचानक अमेरिका का ईरान पर हमला करने से जिले के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई। आजमगढ़ के हजारों की संख्या में लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। परिजनों की नींद उड़ गई है। वह अपनों के कुशल-क्षेम जानने के लिए लोग संपर्क कर रहे हैं। फ्लाइट बंद होने से वे घर आने के लिए बेताब हैं। ईरान-इजराइल युद्ध के बीच अमेरिका ने भी ईरान पर हमला कर दिया है। मध्य-पूर्व में हो रहे हवाई हमलों और मिसाइल युद्ध के चलते जिले के लोगों की धुकधुकी बढ़ गई है। यहां के हजारों लोग पश्चिम एशिया में फंस गए।

जिससे इन लोगों के परिवारों की रातों की नींद उड़ गई है। सऊदी अरब, दुबई, बहरीन, कतर, आबू धाबी, कुवैत समेत अन्य खाड़ी देशों में नौकरी, शिक्षा के लिए जनपद के हजारों लोग गए हुए हैं। युद्ध के चलते वहां के हालात काफी खराब हो गए हैं। विमान सेवाएं बंद हो जाने से जिले के काफी संख्या में लोग खाड़ी देशों में फंसे हुए हैं। वे युद्ध और बमों के साथ मिसाइलों के धमाके की वजह से काफी सहमे हुए हैं। फिलहाल इनमें ज्यादातर लोग लोग सुरक्षित इलाकों में हैं, लेकिन हवाई अड्डों के बंद होने और उड़ानों के कैंसिल होने से उनकी घर वापसी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। शहर से लेकर मुबारकपुर, सगड़ी, निजामाबाद, सरायमीर, फरिहां, संजरपुर, नंदाव, फूलपुर, अतरौलिया, अहरौला, जहानागंज क्षेत्रों में रह रहे परिवार के लोग खाड़ी देशों में फंसे अपनों के कुशल-क्षेम जानने के लिए लगातार फोन से संपर्क साध रहे हैं। फोन से बात होने पर उनके सही सलामत सुरक्षित स्थानों पर होने की जानकारी मिलने पर परिजन राहत की सांस ले तो रहे हैं, लेकिन उनके वतन वापसी की चिंता सता रही है। वहीं अधिकतर ऐसे लोग भी हैं, जिनका नेटवर्क बाधित होने के चलते अपनों से बात नहीं हो पा रही है। जिससे उनके परिजनों की धुकधुकी बढ़ गई है। खाड़ी देशों में फंसे लोगों के लिए भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने को कहा है। कतर, दुबई और बहरीन समेत अन्य देशों में जनपद के लोग खाड़ी देशों में रह रहे जिले के लोगों ने अपने हालात के बारे में बताया है कि वे फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन तनाव चरम पर है। रह-रह कर मिसाइलों के धमाके गूंज रहे हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। कतर (दोहा), बहरीन में नगर के बाज बहादुर निवासी असरफ, जालंधरी के दानिश, टेड़िया मस्जिद के साजिद, कोट के नदीम, मुकेरीगंज के सोफियान, बदरका के इदरिश आदि नौकरी करते हैं। उन्होंने कहा कि वे हवाई अलर्ट के बाद घरों में रहने को मजबूर हैं और सुरक्षित हैं। दुबई में रह रहे मातरवगंज निवासी नोमान, फिरोज ने बताया कि एमिरेट्स जैसी बड़ी एयरवेज ने उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे चलते कुवैत से उनकी होली पर घर आने की योजना अधर में लटक गई है। सिधारी थाना क्षेत्र के पैकौली गांव निवासी गुड्डू राजभर बहरीन के असीलर में अलीज कंपनी में नौकरी करते हैं। पिता शमशेर ने बताया कि फोन पर बेटा से बात हुई। बताया कि एयरपोर्ट, मिलिट्री बेस पर हमला हुए हैं। सायरन बज रहे हैं। हाई अलर्ट जारी है, लोगों की रात की नींद उड़ी हुई है। बिलरियागंज नगर के डॉ. अय्यूब नगर के निवासी अब्दुल्ल रहमान जो सऊदी अरब के रियाद में ड्राइवर का काम करते है । वहीं इसी मोहल्ले के मोअज्जम भी रियाद में मजरे में काम करते हैं। दोनों के परिवार के लोग किसी तरह रविवार की सुबह उनसे फोन से बात किये। दोनों की तैयारी इसी ईद के मौके पर घर पर आने की थी। परिवार के लोग घबराये हुए हैं। अब्दुल रहमान के भाई अबु शाले और मोअज्जम के भाई मुदस्सिर ने फोन से बात की। कहा कि वे सुरक्षित स्थान पर हैं। काफी दूर पर मिसाइलें गिर रही हैं। उड़ाने बंद होने से फंसे हुए हैं। सरायमीर कस्बा के मीरहसन मोहल्ला निवासी मौलाना इंतेज़ार मेहदी इरान में रहते हैं। भतीजा हसन बाकर ने बताया कि शनिवार की रात को लगभग दो मिनट फोन पर बात हुई थी। ईरान में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ दुकानें बंद हैं। सड़कों पर सन्नाटा छाया हुआ है। लोग अपने घरों के अंदर वक्त गुज़ार रहे हैं। नेट सर्विस बंद होने से लोगों का एक दूसरे के संपर्क नहीं हा पा रहा है। जिस क्षेत्र में हम लोग रहते है वहां बमबारी नहीं हुई है, लेकिन धमाके की आवाज़ सुनाई देती है । सरायमीर क्षेत्र के राजापुर सिकरौर गांव निवासी मोहम्मद सैफ कतर के उम्मुससलाल शहर में रह कर ड्राइवर की नौकरी करते हैं। इन्होंने बताया कि आबादी व बाज़ार में बमबारी नहीं हुई है। अमेरिका की सैन्य बेस पर मिसाइलें दागी जा रही है। यहां की हुकूमत की तरफ से गाइड लाइन जारी की गई है कि सभी लोग घरों में रहे अनावश्यक बाहर न निकलें। यही गाइडलाइंस इंडियन एंबेसी से भी जारी की है। हालांकि यहां से भारत देश जाने वालो के लिए ईद की छुट्टी मिल गई है, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिजन से हो रही बात, खतरे से हैं दूर मुबारकपुर के नेवादा मोहल्ले के मोहम्मद अहमद पुत्र अब्दुल रसीद सऊदी अरब के रियाद में मजदूरी करते हैं। गोलाबारी की खबर से उनके परिजन काफी चितिंत हैं। वह मोहम्मद अहमद के सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। भाई नासिर ने बताया कि मोबाइल से लगातार बातचीत हो रही है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत न होने की बात कही है। पति के सलामती के लिए कर रही दुआ मुबारकपुर नगर के नेवादा मोहल्ला निवासी नौशाद अहमद पुत्र फैय्याज दुबई के शारजा में एक कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हैं। युद्ध की खबर के बाद परिजन चिंतित है। पत्नी आतिया प्रवीन ने बताया कि पति नौशाद से मोबाइल पर बात हुई है। वह सलामत हैं। किसी प्रकार कोई परेशानी नहीं है। फिर भी उनकी सलामती के लिए अल्लाहताला से दुआ कर रही हूं। भारतीय दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन नंबर कुवैत में करीब 10 लाख भारतीय मौजूद हैं, जिन्हें लेकर भारत सरकार गंभीर है। इसे लेकर दूतावास की ओर से निर्देश दिए हैं। सभी भारतीय नागरिक आधिकारिक सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। बिना किसी जरूरी काम के बाहर न निकलें और दूतावास के संपर्क में रहें। किसी भी सहायता के लिए 96565501946 पर संपर्क किया जा सकता है।

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