DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › आजमगढ़ › जर्जर सरकारी भवन ले लेंगे कई लोगों की जान
आजमगढ़

जर्जर सरकारी भवन ले लेंगे कई लोगों की जान

हिन्दुस्तान टीम,आजमगढ़Published By: Newswrap
Thu, 16 Sep 2021 11:50 PM
जर्जर सरकारी भवन ले लेंगे कई लोगों की जान

आजमगढ़। जर्जर सरकारी भवनों को ढहाकर नई इमारतें बनाने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश जिले में हवा-हवाई साबित हो रहा है। उनके आदेश पर जिले के आला अफसर जरा भी कान नहीं दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि मानो उन्हें इंतजार है कि जर्जर सरकारी भवन गिरें और उसमें दबकर कई लोगों की जान चली जाये। गुरुवार को हिन्दुस्तान ने अपने नियमित कॉलम पांच स्थान, पांच रिपोर्टर में पड़ताल की। पता चला कि जिले में कई जर्जर सरकारी भवन हैं जिन्हें जल्द नही गिराया गया तो वे जानलेवा हादसों के कारण बन जायेंगे। करौती गांव में पूर्व प्रधान रामकिशोर चतुर्वेदी ने वर्षी 1982 में लाखों की लागत से पंचायत भवन बनवाया था। समुचित रखरखाव के अभाव में वह जर्जर हो गया। वह इस कदर जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच गया है कि किसी दिन भयंकर दुर्घटना हो सकता है। प्रधान गीता देवी ने बताया कि पंचायत भवन जर्जर होने के कारण उन्हें बाहर मीटिंग आदि कार्यक्रम करने पड़ते हैं। प्रधान प्रतिनिधि पथरू बाबा, पूर्व प्रधान रिंकू चतुर्वेदी, रामसरन वर्मा समेत कई लोगों ने प्रशासन से नया पंचायत भवन बनवाने की मांग की। सन् 1932 में निर्मित तहसील भवन जर्जर हो चुका है। अंग्रेजों के जमाने के तहसील भवन में तहसील मुख्यालय का काम होता है। अधिकारी और कर्मचारी जान हथेली पर रखकर जर्जर तहसील भवन में बैठते हैं। बारिश के दिनों में वे बेहद चिंताग्रस्त होते हैं। पिछले दो दिन से बारिश के कारण इसकी छत टपक रही है। बारिश के पानी से बचने के लिए प्लास्टिक की पन्नी लगाकर लोग ड्यूटी कर रहे हैं। रघुनाथपुर गांव में एएनएम केंद्र इस कदर जर्जर हो चुका है कि यहां काम करने वालों की सांसें हर वक्त अटकी रहती हैं। उन्हें डर रहता है कि जीर्ण-शीर्ण भवन किसी वक्त ढह सकता है। इधर, दो दिन से लगातार बारिश के कारण उनका डर और बढ़ गया है। बताते हैं कि समुचित रखरखाव के अभाव में एएनएम केंद्र काफी जर्जर हो गया है। लोगों ने कई बार प्रशासन से इसकी मरम्मत कराने की मांग की। इसके बाद भी कुछ न होने से स्थिति ज्यों की त्यों है। बरहतिल जगदीशपुर गांव में साधन सहकारी समिति का भवन लगभग 12 साल से जर्जर अवस्था में है। उसका कोई पुरसाहाल न होने से लोग भीषण हादसे की आशंका जता रहे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि सहकारी भवन वर्ष 2008 से ही जर्जर है। इससे सरकार के उस दावे की कलई खुल चुकी है कि वह किसानों की सुख-सुविधा का पूरा ख्याल रखती है। साधन सहकारी समिति के सचिव देवनाथ यादव ने बताया कि भवन जर्जर है। इस वजह से किराए के कमरे में काम करना पड़ता है। इसकी मरम्मत के लिए कई बाद पत्र भेजा गया लेकिन कुछ नहीं हुआ।

संबंधित खबरें