गर्मी
Azamgarh News - हीटवेव और भीषण गर्मी का कहर शुक्रवार को भी जारी रहा। गुरुवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में मामूली कमी दर्ज की गई, लेकिन इससे लोगों को कोई राहत नहीं मिल

आजमगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। हीटवेव और भीषण गर्मी का कहर शुक्रवार को भी जारी रहा। गुरुवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में मामूली कमी दर्ज की गई लेकिन इससे लोगों को कोई राहत नहीं मिली। दिनभर भगवान भास्कर की किरणें लोगों को जलाती रहीं। घरों के कमरे भट्ठी की तरह धधक रहे थे। जिले में सप्ताह भर से लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। तापमान लगातार 43 और 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.4 और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर में सड़कों पर कर्फ्यू जैसे हालात हो जा रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 24 घंटे के अंदर गर्मी का प्रकोप और अधिक बढ़ेगा। 24 घंटे के अंदर अधिकतम तापमान के 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रशासन ने भीषण गर्मी के मद्देनजर जिले में अलर्ट घोषित कर दिया है。
डीएम ने गर्मी को लेकर जारी किया अलर्ट
आजमगढ़। भीषण गर्मी को देखते हुए जिला आपदा प्रबधन प्राधिकरण के अध्यक्ष जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें गर्मी से बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई है।
लू लगने के लक्षण:
व्यक्ति की त्वचा का गर्म, लाल, शुष्क होना, पसीना न आना। तेज पल्स होना, उल्टे सांस गति में तेजी और व्यवहार में परिवर्तन और भ्रम की स्थिति। सिरदर्द, मिचली, थकान, कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी लू की वजह से व्यक्ति के शरीर पर होने वाले प्रभाव। उच्च तापमान से शरीर के आंतरिक अंगों, विशेष रूप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है। इससे शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न हो जाता है। मनुष्य के हृदय के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न होता है। जो लोग एक या दो घंटे से अधिक समय तक अधिक तापमान अथवा गर्म हवा में रहते हैं, उनके उनके मस्तिष्क में क्षति की संभावना प्रबल हो जाती है।
लू से बचने के लिए ये करें
अधिक से अधिक पानी पिएं। भले ही प्यास न लगे। यह शरीर में पानी की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने में मदद करेगा। हल्के रंग के पसीना सोखने वाले कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय गमछा, चश्मा, छाता, टोपी और चप्पल का उपयोग करें। यदि आप खुले में काम करते हैं, तो सिर, चेहरा और हाथ-पैरों को गीले कपड़े से ढ़के और छाता का प्रयोग करें। लू से प्रभावित व्यक्ति को छांव में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोछें या नहलाएं और चिकित्सक से संपर्क करें। यात्रा करते समय पीने का पानी अवश्य साथ रखें और गीले कपड़े को चेहरे, सिर और गर्दन पर रखें। शराब, चाय, कॉफी जैसे पेय पदार्थों से बचें, क्योकि ये शरीर को निर्जलित कर सकते हैं।
ज्यादा देर तक अधिक तापमान में रहना खतरनाक
डॉक्टरों के अनुसार ज्यादा देर तक अधिक तापमान में रहना खतरनाक है। इससे हीटवेव के चपेट में आने का खतरा रहता है। लू लगने के कारण भी हालत बिगड़ सकती है। गंभीर रूप से बीमार और वृद्ध लोगों के लिए गर्मी में रहना मुसीबत बन सकता है। मंडलीय अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तेज गर्मी के चलते लोगों के सिर में दर्द होने लग रहा है। बुखार और चक्कर आने की शिकायत भी है। इसके अलावा लोग उल्टी-दस्त की चपेट में भी आ जा रहे हैं। पंखे और कूलर गर्म हवा दे रहे हैं। ऐसे में थोड़ी-थोड़ी देर पर ठंडे पानी से शरीर पोंछते रहे। हल्के तरल पदार्थ लें, जिससे डिहाईड्रेशन की शिकायत न हो।
तपिश के कारण कारोबार प्रभावित, नहीं आ रहे ग्राहक
भीषण गर्मी के चलते शहर में कारोबारी गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। तपिश के कारण बाजार में ग्राहक नहीं नजर आ रहे हैं। सुबह आठ बजे के बाद ही धूप का असर तेज हो जा रहा है। जिससे लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं। सुबह से देर शाम तक सता रही गर्मी के चलते बाजारों से ग्राहकों ने दूरी बना ली है। कपड़ा व्यापारी आशुतोष रूंगटा ने बताया कि गर्मी की वजह से ग्राहक बाजार नहीं आ रहे हैं। किराना व्यापारी राधेश्याम ने बताया कि चौक जैसे इलाके में गर्मी के चलते दिनभर सन्नाटा पसर जा रहा है। पिछले वर्षों में हालात ऐसे नहीं बिगड़े थे। रोज कमाने-खाने वाले और माल की ढुलाई करने वाले मजदूरों के पास भी काम का संकट खड़ा हो गया है।
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