सरकार समता की मांग करने वालों की आवाज को दबाना चाहती है।
Azamgarh News - आजमगढ़ में यूजीसी रेगुलेशन लागू करने और जेएनयू के छात्रों के उत्पीड़न के खिलाफ युवाओं और किसान संगठनों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से यूजीसी रेगुलेशन को जवाबदेह और प्रभावी बनाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और कहा कि सरकार समता की आवाज को दबाना चाहती है।

आजमगढ़, संवाददाता। यूजीसी रेगुलेशन लागू करने, जेएनयू के छात्रों के उत्पीड़न के खिलाफ युवाओ और किसान संगठनो ने प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार समता की मांग करने वालों की आवाज को दबाना चाहती है। राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आजमगढ़ को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार यूजीसी रेगुलेशन को और जवाबदेही के साथ जिम्मेदार, प्रभावी बनाकर लागू करे। यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में सोशलिस्ट किसान सभा, भाकपा माले, आरवाईए, पूर्वांचल किसान यूनियन, वामसेफ, कारवां, एनएपीएम के नेता और कार्यकर्ता सड़को पर उतरे। कलक्ट्रेट परिसर में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी रेगुलेशन पर अस्थायी रूप से लगाई गई रोक एससी, एसटी, ओबीसी के छात्रों के अधिकारों पर हमले को और तेज करेगी।
जेएनयू में यूजीसी रेगुलेशन को लेकर निकाले गए समता मार्च पर जिस तरीके से दिल्ली पुलिस ने बर्बरता से छात्र—छात्र नेताओं पर हिंसा की और 14 छात्रों को जेल भेज दिया उससे स्पष्ट होता है कि सरकार समता की मांग करने वालों की आवाज को दबाना चाहती है। सभा को जयप्रकाश नारायण, राजीव यादव, सत्यम प्रजापति, विमला यादव, राजेश यादव, वीरेन्द्र यादव, विनोद सिंह, कलीम जामई, उत्कर्ष शुक्ला, डॉ. राजेन्द्र यादव, गायक काशीनाथ यादव, आलोक गौतम ने सम्बोधित किया।
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