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27 अक्तूबर, 2020|2:45|IST

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ओलंपियन तीरंदाज सत्यदेव प्रसाद को मिलेगा ध्यानचंद पुरस्कार

ओलंपियन तीरंदाज सत्यदेव प्रसाद को मिलेगा ध्यानचंद पुरस्कार

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में पदकों का ढेर लगा चुके जिले के ओलंपियन तीरंदाज सत्यदेव प्रसाद बरनवाल को मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेगा। 25 सितम्बर को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द यह पुरस्कार प्रदान करेंगे। वर्तमान में खेल मंत्रालय नई दिल्ली में अधिकारी सत्यदेव को इस पुरस्कार की घोषणा से जिले में हर्ष का माहौल हैं। कस्बे में सत्यदेव प्रसाद बरनवाल को ध्यानचंद पुरस्कार मिलने की घोषणा की सूचना मिलते ही सत्यदेव के आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। सत्यदेव के बड़े भाई विन्देश्वरी बरनवाल व्यवसायी हैं। उन्होंने ने बताया कि वह 23 को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। राष्ट्रपति भवन में पुरस्कार समारोह में उपस्थित रहेंगे। 

ब्लैक पॉटरी के लिए मशहूर निजामाबाद कस्बे में स्व.रामाप्रसाद बरनवाल के घर 19 सितम्बर 1979 में जन्म लेने वाले सत्यदेव प्रसाद को माता-पिता ने बालक को प्राचीन भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि को देखते हुए गुरुकुल पद्धति से शिक्षा दिलाने की सोचा। माता-पिता ने सत्यदेव को 11 वर्ष की आयु में मेरठ जिले के भोलझाल के समीप गुरुकुल आश्रम में वर्ष 1991 में अध्यसन के लिए भर्ती कराया। शिक्षा प्राप्त करते हुए लकड़ी के तीर धनुष से वर्ष 1993 से आश्रम के संचालक स्वामी विवेकानन्द सरस्वती की निगरानी में तीरंदाजी का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया। अपनी मेहनत और लगन से सत्यदेव अपनी मंजिल की तरफ बढ़ने लगा। 

सत्यदेव ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतिस्पर्धाओं में सौ से अधिक स्वर्ण, रजत एवं  कांस्य पदक हसिल कर कीर्तिमान स्थापित कर दिया। पहली बार 1994 मे जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में चैम्पियन बने, 1998 में बैंकांक में एशियन गेम्स में पदक प्राप्त किये। पेरिस में 1999 में आयोजित तीरंदाजी विश्वकप में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किये। एथेंस ओलम्पिक 2004  में हिस्सा लेते हुए कुछ ही प्वाइंट के अन्तर से कास्य पदक पाने से चूके। सत्यदेव का चयन वर्ष 2000 में आईटीबीपी में इंस्पेक्टर पद पर हो गया। सत्यदेव ने 2015 में इंस्पेक्टर पद से त्यागपत्र दे कर कोलकाता में तीरंदाजी प्रशिक्षक पद पर ज्वाइन लिया। दो वर्ष कलकत्ता में रहने के बाद मेरठ में प्रशिक्षक पद पर रहे। वर्तमान में दिल्ली में खेल मंत्रालय से जुड़े हैं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश तीरंदाजी संघ के सचिव भी हैं।

लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए मिलता है पुरस्कार 
ध्यानचंद पुरस्कार भारत सरकार के युवा एवं खेल मंत्रालय द्वारा दिया जाने वाला सर्वोत्म पुरस्कार है। यह पुरस्कार किसी खिलाड़ी के स्पोटर्स में जीवन पर्यंत योगदान पर दिया जाता है। यह खेल पुरस्कार है जो किसी खिलाडी के जीवन भर के कार्य को गौरवान्वित करता है। आधिकारिक रूप से इसका नाम खेल गौरव ध्यानचंद पुरस्कार है। इस पुरस्कार का नाम भारत के प्रसिद्ध मैदानी हॉकी के खिलाडी ध्यानचंद सिंह(1905-1979) के नाम पर रखा गया है। खेल एवं युवा मंत्रालय सन 2002 से ये पुरस्कार प्रतिवर्ष प्रदान करता है। प्राप्तकर्ताओं का चयन मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति द्वारा किया जाता है और उनके सक्रिय खेल कार्यकाल के दौरान और सेवानिवृत्ति के बाद दोनों के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए सम्मानित किया जाता है। इस पुरस्कार में एक प्रतिमा, प्रमाण पत्र, औपचारिक पोशाक और 5 लाख का नकद पुरस्कार शामिल है।

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  • Web Title:Olympian archer Satyadev Prasad will receive Dhyan Chand award