बंदरों के आतंक से लोगों का घरों से निकला हुआ मुश्किल

हिन्दुस्तान, आजमगढ़
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बरदह गांव में बंदरों का आतंक बढ़ गया है, जिससे लोग भयभीत हैं। एक महीने में दो दर्जन लोग बंदरों के हमलों में घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की मांग की है, जबकि बंदरों के हमले के कारण बच्चे और महिलाएं विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

बंदरों के आतंक से लोगों का घरों से निकला हुआ मुश्किल

बरदह, हिन्दुस्तान संवाद। स्थानीय क्षेत्र के बरदह गांव एवं बाजार में इन दिनों बंदरों का आतंक से लोग भयभीत हैं। एक महीने में दो दर्जन लोगों को बंदरों ने काट कर जख्मी कर दिया है। क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की है। बरदह बाजार से लेकर गांव तक बंदरों के आतंक से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि घर और दुकान में घुसकर बंदर काफी क्षति पहुंचा रहे हैं। छत पर सूखने के लिए डाले गए कपड़े फाड़ दे रहे हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग को देखते ही बंदर अक्रामक हो जा रहे हैं। एक महीने के भीतर दो दर्जन से अधिक लोगों को बंदर काट चुके हैं, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं.

बंदरों का झुंड

ग्रामीणों का कहना है कि दो से तीन बंदरों का झुंड गांव और बाजार में लगातार घूमता रहता है। कोई बच्चा या व्यक्ति खाने-पीने का सामान लेकर निकलता है तो बंदर अचानक हमला कर दौड़ाकर काट लेते हैं। बच्चों पर बंदरों के हमले की घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आ रही हैं.

घायल व्यक्तियों की सूची

बंदरों के हमले में घायल होने वालों में आदित्य तिवारी, विशाल तिवारी, तेजल पुत्री विशाल तिवारी, काली पुत्र हेमंत तिवारी, देव पुत्र विशाल तिवारी, पंखुड़ी पुत्र आशीष तिवारी, देवांश पुत्र अवधेश, रक्षा पुत्री राजन समेत अन्य बच्चे बंदरों के हमले का शिकार हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि फॉरेस्ट विभाग और संबंधित अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई, लेकिन अब तक बंदरों को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरदह के चिकित्सक डॉ. सोमेश रंजन ने बताया कि बंदर काटने से जख्मी लोग अस्पताल आ रहे हैं, जिन्हें एंटी रेबीज इंजेक्शन एवं आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द बंदरों को पकड़वाने और लोगों को राहत दिलाने की मांग की है.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरदह गांव में बंदरों का आतंक कब से है?
बरदह गांव में बंदरों का आतंक इन दिनों बढ़ गया है।
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