पूर्वांचल में बसपा विधायक के ठिकानों से लौटीं आयकर टीमें
Azamgarh News - वाराणसी में आयकर विभाग ने बसपा विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़े आठ ठिकानों पर तीन दिनों तक छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में 100 करोड़ रुपये से अधिक की आयकर चोरी का संदेह है। 200 से अधिक अधिकारियों ने जांच में भाग लिया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ तथा लेनदेन से जुड़े कागजात एकत्र किए।

वाराणसी, हिन्दुस्तान टीम। पूर्वांचल में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़े आठ ठिकानों पर तीन दिनों तक चली आयकर विभाग की मैराथन कार्रवाई के बाद टीमें लौट गईं। वाराणसी में अफसर शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे तक जांच में जुटे रहे, जबकि बलिया में लगभग 60 घंटे और सोनभद्र में 55 घंटे तक छापेमारी चली। प्रारंभिक जांच में विभाग को 100 करोड़ रुपये से अधिक की आयकर चोरी का संदेह है। बलिया में बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे पहुंची आयकर की टीम शुक्रवार रात लगभग साढ़े दस बजे निकली। करीब 60 घंटे की मैराथन छानबीन के बाद अधिकारियों ने विधायक के पैतृक गांव खनवर स्थित आवास, कार्यालय के साथ ही रसड़ा स्थित होटल, अठिलापुर और छितौनी में दो करीबियों के घर को भी रात में ही छोड़ दिया।
नरही क्षेत्र के दौलतपुर में एक करीबी के यहां भी जांच रात में ही पूरी हो गई थी लेकिन आयकर की टीम वहां से शनिवार की सुबह निकली। इस अवधि में अधिकारियों ने सभी ठिकानों पर बैंक के खातों, कागजातों, ट्रांजेक्शन आदि की जानकारी जुटाई। उधर, सोनभद्र में आयकर विभाग की टीम 55 घंटे की छानबीन के बाद शुक्रवार देर शाम रवाना हुई। टीम तीन दिनों तक उमाशंकर सिंह सहित तीन लोगों की कुंडली खंगालती रही। खनन विभाग कार्यालय से भी संबंधितों के कारोबार के बारे में जानकारी हासिल की। बैंक खाते से लेनदेन का व्यौरा जुटाया। विभाग के अधिकारियों से खनन नियमों के बारे में भी जानकारी हासिल की। इसके अलावा ओबरा और चोपन में आधा दर्जन खनन कारोबारियों के यहां से भी कई अहम दस्तावेज लेकर टीम रवाना हुई। मिर्जापुर में एक क्रशर प्लांट पर भी टीम ने जांच की। वहां दो कर्मचारियों से घंटों पूछताछ की गई। इधर, वाराणसी के डीआईजी कॉलोनी में आयकर विभाग की टीम शुक्रवार रात ढाई बजे तक डटी रही। बताया जा रहा है कि बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी आयकर विभाग की टीमों को मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि विधायक के कुछ पार्टनरों और सहयोगी कंपनियों की संपत्ति की भी जांच की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर आयकर टीम दोबारा भी छापेमारी के लिए आ सकती है। लखनऊ से आयकर विभाग के संयुक्त निदेशक (जांच) अभिषेक यादव और बनारस परिक्षेत्र के संयुक्त निदेशक (जांच) प्रांजल कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई चली। 200 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी रहे शामिल बताया जा रहा है कि छापेमारी में 200 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। कार्रवाई के दौरान 150 से अधिक वाहनों का इस्तेमाल किया गया। विभिन्न ठिकानों पर करीब 50 लोगों से पूछताछ की गई और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड तथा लेनदेन से जुड़े कागजात खंगाले गए। आयकर विभाग के अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से इनकार किया है।
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