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आजमगढ़

कई बार मांग व प्रदर्शन के बावजूद नहीं बन सका पुल

हिन्दुस्तान टीम,आजमगढ़Published By: Newswrap
Tue, 28 Sep 2021 03:11 AM
कई बार मांग व प्रदर्शन के बावजूद नहीं बन सका पुल

आजमगढ़। वरिष्ठ संवाददाता

लगभग दस हजार की आबादी के दस गांव को आजमगढ़ से जोड़ने वाले वाले इस पुल को मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में कैबिनेट मंत्री रामप्यारे सिंह की पहल पर बनवाया गया था। रामप्यारे सिंह ने 2004 में इसके निर्माण के लिए लगभग 50 लाख रुपये की व्यवस्था कराई तब जाकर यह पुल बन कर तैयार हो पाया। इसके बाद से दस गांव के लिए आवागमन सुलभ हो गया। रामप्यारे सिंह के पुत्र व वर्तमान विधायक वंदना सिंह के प्रतिनिधि संतोष सिंह टीपू कहते हैं कि इसके बाद 2014 में इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके लिए मुख्यमंत्री से कई बार मांग करने पर इसकी मरम्मत के लिए 60 लाख रुपये स्वीकृत हुए लेकिन इसके पहले कि यह मरम्मत हो पाती 2020 की बाढ यह पुल नहीं झेल पाई। बताया जाता है कि तब से लगातार इस पुल के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन किए। क्षेत्रीय विधायक, डीएम, कमिश्नर सभी से गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुइ। खास बात ये है कि इस पुल के न रहने पर यहां के किसानों की कमर आर्थिक रूप से भी टूटगई है। क्योंकि इनका गन्ना इसी पुल के रास्ते चीनी मिल तक जाता था। अब इस काम में काफी कठिनाई आ रही है। विधायक वंदना सिंह कहती हैं कि इसके लिए इस वर्ष दो दो बार सीएम से लिखित में अनुरोध कर चुकी हूं। मुझे उम्मीद है कि जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। वहीं तहसीलदार रामानुज शुक्ल का कहना है कि अभी तक इसका प्रस्ताव नहीं गया है। वहां यदि नाव की जरूरत होगी तो जल्द लगवाने की व्यवस्था की जाएगी।

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