Azamgarh News: गिरिजा, शारदा बैराजों से छोड़ा पानी, घाघरा नदी में उफान
Azamgarh News: सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी छोर पर बहने वाली घाघरा नदी में गिरिजा, शारदा, सरयू गैराजों से 2 लाख 33 हजार 187 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे एक सप्ताह तक

Azamgarh News: लाटघाट, हिन्दुस्तान संवाद। गिरिजा, शारदा बैराजों से 2 लाख 33 हजार 187 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से घाघरा नदी का जलस्तर शनिवार रात से एक सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ने लगा। इससे पहले नदी में घटाव हो रहा था। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जलस्तर घटने के कारण कई जगहों पर नाव का संचालन बंद कर दिया गया था। लोग पैदल पानी के रास्ता से होकर मजबूरी में आवागमन कर रहे हैं। रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी के लिए लोग घुटने तक पानी में चलकर पैदल आने-जाने के लिए विवश हैं। बाढ़ के पानी के तेज बहाव के चलते क्षेत्र के कई संपर्क कट गए हैं। जिससे ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जल स्तर में घटाव के बाद हो रही बढ़ाव से कटान के साथ ही बाढ़ के पानी से गांवों के घिरने की आशंका बढ़ गई है। टेकनपुर गांव के किसानों की अब तक 75 बीघा से अधिक खेती योग्य भूमि नदी की धारा में विलीन हो चुकी है।
कटान की स्थिति
सहबदिया में कटान को रोकने के लिए लगाई गई ढाई करोड़ की पॉर्क्युपाइन नदी में समा गई है। पॉर्क्युपाइन से आगे करीब 20 बीघा कृषि की भूमि नदी की धारा में समा चुकी है। सहबदिया गांव के सामने कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से प्रयास किये जा रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं हो पा रहे हैं। इसके बाद भी नदी के तेज बहाव से हो रही कटान से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बरामदपुर टेकनपुर गांव के सामने घाघरा नदी कटान कर रही है। जलस्तर के घटने और बढ़ने से नदी की धारा लगातार अपना रूख बदल रही है। टेकनपुर गांव के दिनेश पटेल समेत अन्य किसानों की करीब 25 बीघा जमीन काट चुकी है। देवारा खास राजा में भी कटान का सिलसिला जारी है। शनिवार की रात रमाकांत, रूपनारायण, रामलौट समेत अन्य किसानों की भूमि नदी की कटान की जद में आ गई है।
बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति
दो दर्जन गांव फिर से बाढ़ के घिरने के कगार पर
बाढ़ प्रभावित गांव चक्की, हाजीपुर, देवारा खास राजा के 28 पुरवा, मानिकपुर, सोनौरा, अभ्भनपट्टी, बूढ़नपट्टी, शाहडीह , बाका, अजगरा, मोधो का पुरा समेत करीब दो दर्जन तटवर्ती क्षेत्र के निचले स्तर के गांव फिर से बाढ़ के पानी से घिरने के कगार पर हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के पशुपालकों के सामने हरे चारे की समस्या बनी हुई है। पशु पालक काफी दूर से नाव के सहारे पशुओं के लिए हरा चारा का प्रबंधक कर ला रहे है
जलस्तर में वृद्धि
डिघिया गेज पर 24 सेमी तो बदरहुआ पर 19 सेमी बढ़ा जलस्तर
बीते चौबीस घंटे में डिघिया गेज पर 24 और बदरहुआ गेज पर 19 सेमी जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। जबकि डिघिया गेज पर खतरा बिंदु से 12 सेमी नीचे नदी की धारा बह रही है। वहीं बदरहुआ गेज पर खतरा बिंदु से 65 सेमी नदी का पानी बह रहा है।
बदरहुआ गेज पर शनिवार शाम 4 बजे नदी का जल स्तर 70.78 मीटर पर था, जो रविवार की शाम चार बजे 19 सेमी बढ़कर 70.97 मीटर पर पहुंच गया। इस गेज पर न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकत जलस्तर 73.52 मीटर रहा। बदरहुआ गेज का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। इसी क्रम में डिघिया गेज पर शनिवार की शाम 4 बजे जलस्तर 70.04 मीटर पर था। रविवार की शाम चार बजे 24 सेमी बढ़ने से 70.28 सेमी पर आ गया। इस गेज पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर रहा। खतरा बिंदु 70.40 मीटर है।


