बकरीद आज, जिले के 540 ईदगाहों में पढ़ी जायेगी नमाज
Azamgarh News - मस्जिदों-ईदगाहों में दिनभर चलती रही साफ सफाई शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में कुर्बानी के लिए मंडियों में उमड़ी रही भीड़ 28 हजार से 80 हजार तक बिके विभि

आजमगढ़, संवाददाता। जिले में ईद उल अजहा (बकरीद) को लेकर बुधवार को सारी तैयारियां पूरी कर ली गई। गुरुवार को जनपद की 540 मस्जिदों और ईदगाहों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बकरीद की नमाज अदा की जाएगी। पर्व को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है जबकि अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्था का जायजा लिया। त्योहार के पूर्व संध्या पर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में देर रात तक खरीदारी का दौर चलता रहा। बाजारों में सेवई, इत्र, टोपी, कुर्ता-पायजामा और कुर्बानी के पशुओं की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। शहर से लेकर कस्बों तक की मंडियां देर रात तक गुलजार रहीं। शहर के तकिया, पहाड़पुर, आसिफगंज, सरायमीर, बिलरियागंज, निजामाबाद और मुबारकपुर समेत क्षेत्रों में देर रात तक रौनक बनी रही। लोग त्योहार की खरीदारी में जुटे रहे। मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज को लेकर साफ-सफाई, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाता रहा। कई स्थानों पर युवाओं ने स्वयं आगे बढ़कर सफाई अभियान चलाया। मुबारकपुर संवाददाता के अनुसार कस्बे और आसपास के क्षेत्रों की 65 मस्जिदों एवं ईदगाहों में बकरीद की नमाज अदा की जाएगी। नमाज के बाद अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी जाएगी। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखते हुए पर्व मनाने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी या प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी。
देसी, बरबरीक, तोतापारी की रही सबसे अधिक मांग
बकरीद पर कुर्बानी के लिए इस बार देसी, बरबरीक, तोतापारी और सिरोही नस्ल के बकरों की खूब मांग रही। पशु व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष बकरों के दामों में पिछले साल की तुलना में बेतहासा वृद्धि हुई है। बाजारों में 20 हजार रुपये से लेकर 70 हजार रुपये तक के बकरे बिके। शहर के बदरका स्थित बकरा मंडी में साधारण बकरा जिसकी औसतन कीमत आठ हजार रुपये होनी चाहिए, वह इस बार 28 हजार रुपये में बिका। बकरे के मालिक फुरकान ने बताया कि बरबरीक नस्ल का यह बकरा अपने आकर्षक रूप और भारी वजन के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। मंडी में उसे देखने वालों की भीड़ लगी रही।
शहर में कब कहां पढ़ी जाएगी नमाज
ईदगाह बदरका सुबह 6.45 बजे
दलालघाट जामा मस्जिद सुबह 6.30 बजे
मदरसा जामेतुर्रशाद सुबह 6.15 बजे
सिधारी ईदगाह सुबह 7.00 बजे
जालंधरी मस्जिद सुबह 6.30 बजे
नूरी मस्जिद सुबह 6.30 बजे
एनिया ईदगाह सुबह 6.20 बजे
मुबारकपुर में यहां पढ़ी जायेगी नमाज
अजीजुल मसाजिद जामिया असरफिया सुबह 6.15 बजे
जामा मस्जिद कटरा सुबह 6.30 बजे
जामा मस्जिद राजा मुबारकशाह सुबह 6.30 बजे
ईदगाह अलीनगर सुबह 6.45 बजे
इस्लामिया जामा मस्जिद इस्लामपुरा सुबह 6.15 बजे
ईदगाह शाह का पंजा सुबह 6.30 बजे
जामा मस्जिद हांस बाबा सुबह 6.15 बजे
मदीना जामा मस्जिद इस्लामपुरा सुबह 6.30 बजे
असरफी जामा मस्जिद नयापुरा सुबह 6.30 बजे
शिया ईदगाह पुरादुल्हन सुबह 6.30 बजे
नेवादा रसूलपुर सरैया ईदगाह सुबह 6.00 बजे
शिया ईदगाह अमिलो सुबह 6.30 बजे
नुरानी जामा मस्जिद पुरासोफी सुबह 6.15 बजे
बेलरिया जामा मस्जिद पुरासोफी सुबह 6.45 बजे
समौधी ईदगाह सुबह 6.30 बजे
देर रात तक बाजारों में बनी रही चहल-पहल
सरायमीर। कस्बा सहित आस-पास के क्षेत्रों में बुधवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के पर्व को लेकर खासी चहल-पहल रही। त्योहार को लेकर बाजारों में दिनभर खरीदारी होती रही। महिलाएं खुद के साथ ही बच्चों के लिए कपड़ों की खरीदारी करती नजर आईं। वहीं सेवई, मेवा, गुलाब जामुन के पाउडर के साथ-साथ मैदा, बेसन की आदि के खरीदारी के लिए खरीदारों की दुकानों भीड़ लगी रही। क्षेत्र में ईदुल अजहा की नमाज राजापुर सिकरौर,शिवराजपुर,कौरह गहनी,बखरा में सुबह 6.30 बजे अदा होगी। शेरवा,मंजीरपट्टी,सुरही खुर्द,नोनारी, ईदगाह में सुबह छह बजे नमाज होगी। इसी क्रम में बीनापारा, खंडवारी,संजरपुर, छित्तेपुर सुबह 6.30 बजे ईदुल अजहा की नमाज अदा की जायेगी।
बकरीद से एक दिन पूर्व लोहरा गांव पुलिस छावनी में हुआ तब्दील
हाईकोर्ट के आदेश पर कई दशक से नहीं होती है लोहरा में कोई कुर्बानी
घर-घर ली गई तलाशी, पशुओं को पुलिस ने गांव से बाहर किया संरक्षित
शाहगढ़, हिंदुस्तान संवाद। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में बकरीद का पर्व जिला प्रशासन की पहरेदारी में मनाई जायेगी। बकरीद की पूर्व संध्या पर बुधवार को थानाध्यक्ष शशिमौली पांडेय के नेतृत्व में शाम पांच बजे घर-घर सघन तलाशी ली गई। इस दौरान बरामद पशुओं को पुलिस ने गांव के बाहर संरक्षित किया। गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन की पैनी नजर है।
हाईकोर्ट के आदेश पर कई दशक से लोहरा गांव में कुर्बानी का पर्व नहीं मनाया जाता है। बकरीद का पर्व आते ही जिला प्रशासन सतर्क हो जाता है। हर वर्ष यहां घर-घर जानवरों की तलाशी ली जाती है। कुर्बानी के लिए जानवरों को यहां से हटाकर पड़ोस के गांव में या फिर गांव में निर्धारित अस्थाई बाड़ा में रखा जाता है। तीन दिन तक गांव में पुलिस एवं राजस्व की टीम कैंप करके लगातार अपनी पैनी नज़र बनाये रखती है। बकरीद का पर्व संपन्न कराने के लिए लोहरा गांव में भारी फोर्स तैनात है। घरों की तलाशी के लिए पुलिस बल की दो टीमें बनी थी। एक टीम का नेतृत्व लोहरा चौकी प्रभारी कुलदीप कुमार और दूसरी टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक अखिलेश चौबे कर रहें थे। वहीं गांव में कड़ी निगरानी रखने के लिए 15 उपनिरीक्षक, 60 आरक्षी पुरुष, 40 महिला आरक्षी एवं राजस्व टीम में लेखपाल बीरबल, देवानंद, दीपक, राकेश चौधरी आदि तैनात है।
40 लोगों को किया गया पाबंद
शाहगढ़। 28 मई को बकरीद का पर्व मनाया जाना है। पर्व पर किसी प्रकार की गड़बडी न उत्पन्न हो, इसके लिए स्थानीय पुलिस दो दिन पहले दोनों पक्षों से 40 लोगों को पाबंद कर किया है। मुबारकपुर थाना क्षेत्र का लोहरा गांव मात्र एक ऐसा गांव है जहां बकरीद की पूर्व संध्या पर घरों की सघन तलाशी ली जाती है। यहां से पालतू जानवरों को पास के गांवों में स्थानांतरित कर दिया जा है। बकरीद की नमाज लोहरा गांव के लोग पुलिस की पहरेदारी में अदा करते है। इस संबंध में लोहरा चौकी प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से 40 लोगों को पाबंद किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


