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आजमगढ़

एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर, मरीजों को अस्पताल पहुंचने में हुई परेशानी

हिन्दुस्तान टीम,आजमगढ़Published By: Newswrap
Tue, 27 Jul 2021 03:21 AM
एंबुलेंस कर्मचारी हड़ताल पर, मरीजों को अस्पताल पहुंचने में हुई परेशानी

आजमगढ़। संवाददाता

पांच सूत्री मांगों को लेकर रविवार की रात 12 बजे से बजे से एंबुलेंस कर्मी अनिश्चितकाली हड़ताल हैं। एंबुलेंस कर्मियों ने रविवार सुबह शहर से सटे भंवरनाथ के पास वाहनों को खड़ाकर प्रदर्शन किया। जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग 102, 108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष ने कहा कि इमरजेंसी के लिए सभी तहसीलो में एक एक एम्बुलेंस को कर्मचारियों के साथ छोड़ा गया है। वे लोग अपनी सेवा दे रहे हैं। जनपद की 97 एंबुलेंस के पहिए जाम हैं। जनपद में 102, 108 और एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) के कुल 105 एंबुलेंस हैं। जिसमें करीब 450 कर्मचारी काम करते हैं। एंबुलेंस कर्मी पांच सूत्री मांगों को लेकर तीन दिन से आंदोलन कर रहे हैं। प्रशासन व सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं दे रही है जिससे नाराज होकर कर्मियों ने रविवार की रात से अपनी सेवाएं देनी बंद कर दी हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई है । सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हुई। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाने के लिए एंबुलेंस की 102 नंबर सेवा काम करती है। अस्पताल से महिलाओं को उनके घर भी इसी से छोड़ा जाता है।

संगठन के जिला अध्यक्ष राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जनपद 108 के 51 तथा 102 के 52 एंबुलेंस, दो एएलएस एंबुलेंस हैं। सभी तहसीलों में एक-एक एंबुलेंस को इमरजेंसी के लिए कर्मचारियों के साथ छोड़ा गया है। जनपद की अन्य 97 एंबुलेंस को भंवरनाथ के पास सड़क के किनारे खड़ा कर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक एंबुलेंस कर्मियों का आंदोलन जारी रहेगा। मांग करने वालों में रामाशीष यादव, संदीप यादव, संदीप उपाध्याय, अवनीश, धर्मेन्द्र गोंड़, सचिन पांडेय, प्रशांत सिंह, धर्मेन्द्र यादव, नितीश राम, अनिल उपाध्याय सहित अन्य लोग शामिल रहे।

600 से अधिक मरीजों को अस्पताल पहुंचने में हुई परेशानी

आजमगढ़। जनपद में सरकारी एंबुलेंस की हड़ताल से सेवा पूरी तरह से ठप रही। इस दौरान करीब छह सौ मरीजों को अस्पताल पहुंचने में असुविधा हुई। करीब चार सौ महिलाएं प्रतिदिन सरकारी एंबुलेंस से अस्पताल व अस्पातल से घर पहुंचती हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अधिक समस्या हुई। लोगों को निजी साधन से अस्पताल पहुंचना पड़ा।

जनपद में 102 के कुल 52 एंबुलेंस सक्रिय हालत में है। जिनसे गर्भवती महिलों को अस्पातल पहुंचाया जाता है। डॉक्टर के उपचार के बाद एंबुलेंस से महिलाओं को उनके घर भी छोड़ा जाता है। ग्रामीण क्षेत्र से आशाएं गर्भवती महिलाओ को एंबुलेंस से लेकर अस्पताल पहुंचती हैं। प्रतिदिन 102 की एंबुलेंस करीब 450 महिलाओं को घर से अस्पताल व अस्पताल से घर छोड़ती है। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से यह सेवा पूरी तहर से ठप हो गई। महिलाओं को निजी साधन से अस्पताल पहुंचना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्र की दूरदराज की महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हुई। वहीं, जनपद में 108 के 51 एंबुलेंस है। जो दुर्घटना सहित अन्य गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाते है। प्रतिदिन औसतन करीब 150 मरीजों को अस्पताल पहुंंचाते हैं। सेवा ठप होने से लोगों को अस्पताल पहुंचने पर परेशानी हुई।

केवल गंभीर लोगों को ही पहुंचाया गया अस्पताल: जिला प्रभारी

आजमगढ़। एंबुलेंस हड़ताल से महिलओं को सेवा नहीं मिल पाई। काफी गंभीर लोगों को ही 108 की सेवा मिली। एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी अजय राय ने बताया कि 102 की सेवा पूरी तरह से ठप होने से महिलाओं को एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल पाई। आठ एंबुलेंस चल रही हैं जिससे केवल गंभीर लोगों को ही अस्पताल पहुंचा गया गया। एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल से सेवा पूरी तरह से ठप रही। प्रदेश स्तर पर इनकी मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है।

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