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गांव के विकास कार्य में पाया गया 6.84 लाख का गबन

ग्राम पंचायत चतुरपुर मधईपट्टी के विकास कार्यों की जांच करने पर 6.84 लाख रुपये का गबन किये जाने का मामला सामने आया है। इस पर जांच अधिकारी ने दोषी पाए गए ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौप दी है। अतरौलिया विकास खंड के चतुरपुर मधईपट्टी गांव निवासी त्रिलोकी नाथ त्रिपाठी पुत्र स्व. लाल बहादुर त्रिपाठी ने गांव के विकास कार्यों में घोर अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए अपनी शिकायती प्रार्थना पत्र मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा था। उक्त शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के लिए संयुक्त टीम का गठन किया। संयुक्त टीम के सदस्यों के साथ मनरेगा लोकपाल विपिन कुमार सिंह, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सहायक अभियंता एसबी सिंह व अन्य अवर अभियंता ने 28 नवंबर 2016 को चतुरपुर मधईपट्टी गांव के विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया। तकनीकी टीम के सदस्यों ने उक्त कार्यों की मूल्यांकन रिपोर्ट मनरेगा लोकपाल विपिन कुमार सिंह को 26 अप्रैल 2017 को प्रेषित कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार पोखरे की खुदाई, ताल खुदाई, पोखरा का जीर्णोद्धार, नाली निर्माण, खड़ंजा कार्य आदि में घोर अनियमितता पाए जाने के साथ—साथ एक ही कार्य का दो बार भुगतान किया जाना भी पाया। सरकारी धन 6 लाख 84 हजार 461 रुपये के दुरुपयोग/गबन की पुष्टि पाई गई। मनरेगा लोकपाल विपिन कुमार सिंह का कार्यकाल 5 फरवरी 2017 को समाप्त हो गया। इस कारण उन्होंने इस प्रकरण में कोई कार्यवाही न करते हुए, गबन किये गए उक्त सरकारी धन राशि की वसूली व दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कार्रवाई किए जाने के लिए अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी है।

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  • Web Title:6.84 lakh misappropriation found in village development work