आजम खान की और बढ़ेंगी मुश्किलें! दो मामलों में मिली राहत को कोर्ट में चुनौती, एक जुलाई को सुनवाई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां को दो मामलों में निचली अदालत से मिली राहत को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चुनौती दी गई है। एक मामला अमर सिंह की बेटी पर कथित टिप्पणी और दूसरा फैसल लाला के साथ मारपीट और गवाह को धमकाने से जुड़ा है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां के खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मुकदमों में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से दोषमुक्त किए जाने के फैसलों को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत ने अपीलों पर सुनवाई करते हुए लोअर कोर्ट की पत्रावली तलब की हैं। अब इन अपीलों पर एक जुलाई को सुनवाई होगी। मालूम हो कि पूर्व में तत्कालीन राज्यसभा सदस्य ठाकुर अमर सिंह ने आजम खां के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि आजम खां ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमर सिंह की बेटी को तेजाब से गलाने की बात कही है। इस केस में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से साक्ष्यों के अभाव में आजम को दोष मुक्त कर दिया था।
आजम को दो मामलों में मिली राहत को चुनौती
वहीं दूसरा मामला आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल लाला से जुड़ा है। फैसल लाला ने आजम खां के खिलाफ गवाह को धमकाने और मारपीट करने का केस दर्ज कराया था, इसमें भी आजम खां को लोअर कोर्ट से राहत मिली थी, उन्हें बरी कर दिया गया था। लोअर कोर्ट के इन दोनों आदेशों के खिलाफ एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल हैं, जिन पर सोमवार को सुनवाई हुई। एडीजीसी सीमा सिंह राणा ने बताया कि इस मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट की पत्रावली तलब की गई हैं। अगली सुनवाई एक जुलाई को होगी।
मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को नोटिस
इससे पहले इनकम टैक्स विभाग ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को नोटिस भेजा है। बताया जा रहा है कि रामपुर सदर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा पांच साल पहले 2021 में इनकम टैक्स से की शिकायत की थी। सितम्बर 2023 में आयकर विभाग की टीमों ने रामपुर आकर मामले की जांच की थी। इसमें कुछ गड़बड़ियां सामने आई थीं। इनकम टैक्स विभाग द्वारा ताजा नोटिस 17 जून को भेजा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नोटिस पर सुनवाई की तारीख 23 जून की सुबह 11:30 बजे निधरित की गई है।
ई-फाइलिंग पोर्टल का भी विकल्प दिया
कहा गया है कि आजम खान स्वयं या किसी अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए उपस्थित होकर लिखित निवेदन या संबंधित मुद्दे के समर्थन में सहायक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि आप चाहते हैं कि यह कार्यवाही इस कार्यालय में निर्धारित तारीख तक या उससे पहले आपके द्वारा प्रस्तुत लिखित निवेदन या प्रतिनिधित्व के आधार पर सम्पन्न हो आपका व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहना अनिवार्य नहीं है। आपके पास निर्धारित तारीख तक या उससे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए से अपना लिखित आवेदन प्रस्तुत करने का विकल्प भी है।


