
काश! उन्हें मस्जिद के अलावा कुछ और इल्म होता; आज़म खान का नदवी पर तंज
सपा के दो वरिष्ठ नेताओं आज़म खान और सांसद मोहिब्बुल्ला नदवी में जुबानी जंग जारी है। अब आजम खान ने तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें मस्जिद के अलावा कुछ इल्म होता। दरअसल आज़म के जेल से छूटने के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच वाक युद्ध चल रहा है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान और सपा सांसद मोहिब्बुल्ला नदवी के बीच जुबानी जंग जारी है। अब आजम खां ने सांसद नदवी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें मस्जिद के अलावा कुछ और इल्म होता। दरअसल आज़म खान के जेल से छूटने के बाद से दोनों सपा नेताओं के बीच सब सही नहीं चल रहा है।

सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद आजम खान और रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के बीच वाक युद्ध जारी है। यहां तक कि सपा मुखिया अखिलेश यादव भी दोनों के बीच सुलह कराने में नाकाम साबित हुए हैं। जेल से छूटने के बाद जब आज़म खान से जब सांसद के बारे में सवाल किए गए थे तो उन्होंने कहा था कि वह कौन साहब हैं, हम उन्हें नहीं जानते। इसके बाद पिछले गुरुवार को सांसद नदवी ने आजम खां पर तंज कसते हुए कहा था कि वह बुजुर्ग हो गए हैं, लंबे समय तक जेल में रहे हैं तो उन्हें हमको पहचानने में दिक्कत होगी ही।
एक बार फिर आज़म खान ने निजी चैनलों से बातचीत में कहा, "उन्हें मस्जिद के अलावा कुछ और इल्म होता तो शायद ऐसा न कहते। कम से कम उन्होंने ये तो माना कि मैं हिंदुस्तानी हूं और मैं किसी एजेंसी का एजेंट नहीं हूं।" सपा नेता ने आगे कहा, "बहरहाल बुजुर्ग हैं हमारे, बुजुर्गी इस्लाम में उम्र से नहीं होती लेकिन, एक मशवरा है उनको कि जिस मुकद्दस मेंबर पर वह खड़े होते हैं उसके लिए किरदार भी वैसा ही होना चाहिए और एखलाक व गुफ्तार भी वैसा होना चाहिए। उनके बयान से किसी को हो न हो मुझे बड़ी शर्मिंदगी है कि वह ऐसी जुबान भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसा न हो कि बात निकले तो बहुत दूर तलक जाए। चर्चे तो उनके एखलाक के यहां से लेकर आगरा तक हैं। ऐसा न करें, वह शेरवानी भी पहनते हैं और टोपी भी लगाते हैं। उनका लिबास भी मोहतरम है उनका पेशा भी मोहतरम है। वह इसकी लाज रखेंगे।"



