बेटे अब्दुल्ला को लेकर अचानक अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे आजम खां, क्यों हलचल?
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खां शुक्रवार को बेटे अब्दुल्ला को लेकर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे। आजम अखिलेश की मुलाकात की खबर मिलते ही यूपी की सियासत में हलचल तेज हो गई। अखिलेश ने भी मुलाकात की तस्वीर को एक्स पर साझा किया है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खां शुक्रवार को बेटे अब्दुल्ला को लेकर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे। आजम अखिलेश की मुलाकात की खबर मिलते ही यूपी की सियासत में हलचल तेज हो गई। इस हलचल का बड़ा कारण यह भी रहा कि पिछले महीने अखिलेश को अकेले ही अपने घर आने की हिदायत देने और अपने परिवार से भी नहीं मिलने देने वाले आजम खां इस बार खुद बेटे को लेकर मिलने पहुंचे थे। करीब आधे घंटे तक आजम खां अखिलेश यादव के घर पर रहे। बाहर निकलने पर यह बताने से तो साफ इनकार कर दिया कि क्या बात हुई है। इतना कहा कि पूरी दास्तान लेकर आए थे।
आजम ने कहा कि उस घर से 50 साल यानी आधी सदी का रिश्ता है। इस रिश्ते को कमजोर होने में भी वर्षों चाहिए। टूटने में भी सदियों चाहिए। सदियां तो मेरे पास नहीं हैं। अब्दुल्ला की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मैं तो अगली नस्ल को भी लेकर जाता हूं। हमारा तो नस्ल दर नस्ल का वास्ता है। उसमें अगर कहीं जंक आने लगता है तो मैं खुद उसे साफ कर लेता हूं। किसी की जरूरत इसमें नहीं आती है।
कहा कि पूरी दांस्तान लेकर हम आज आए थे। जब भी हम मिलते हैं अपनी बात कम करते हैं, उन दर्द भरे लमहों को याद दिलाकर गवाह बनाते हैं कि आने वाली पीढ़ियां याद रखें कि कभी किसी के साथ ऐसा भी हुआ था। कहा कि मीडिया ने भी मुझे बहुत गलत जाना। लेकिन अब शायद मेरी बनाई गई छवि अब साफ हुई है। अब आपको लगा है कि हमारे साथ बहुत अन्याय हुआ है। यही बातें हम आपस में करते हैं कि वह कौन सा तरीका हो जिससे मेरी तरह किसी के साथ नाइंसाफी न हो। अदालतों से उन्हें इंसाफ मिले।
आजम ने कहा कि मेरे घर पर जब इनकम टैक्स ने छापा मारा था दो फीट जलजमाव था। तब भी मेरे घर पर जनरेटर नहीं था, आज भी नहीं है। यह मेरा वादा है जब तक मेरे समाज के हर घर में जनरेटर नहीं हो जाएगा, मैं जनरेटर नहीं लूंगा। उन चार दिनों में इनकम टैक्स विभाग ने जिस तरह का व्यवहार किया और जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, किसी के भी साथ नहीं होना चाहिए।
आजम ने कहा कि अब इससे ज्यादा तकलीफें जिंदगी में क्या होंगी, जो उठा चुके हैं और जो उठा रहे हैं। इससे ज्यादा तकलीफ तो मुमकिन ही नहीं है। जब सबकुछ सह लिया है क्यों छोड़ दें। बिहार चुनाव को लेकर आजम ने कहा कि हालात बदलेंगे। खुद प्रचार में नहीं जाने के सवाल पर कहा कि बिना सुरक्षा कैसे अकेले चला जाता। इस बात से भी इनकार किया कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई सुरक्षा दी गई। सुरक्षा मिलने के सवाल पर उल्टा पूछा कि किसी के पास कोई सबूत हो तो दिखाए।
लंबे समय तक जेल में रहे आजम खां करीब डेढ़ महीने पहले बाहर आए थे। इसी के बाद आठ अक्टूबर को अखिलेश रामपुर आजम के घर जाकर मिले थे। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर तस्वीरें शेयर कर लिखा कि न जाने कितनी यादें संग ले आए, जब वो आज हमारे घर पर आए! ये जो मेलमिलाप है यही हमारी साझा विरासत है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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