
आजम के बेटे अब्दुल्ला को पासपोर्ट जमा करना होगा, एमपी-एमएलए कोर्ट का आदेश
सपा नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम का पासपोर्ट कोर्ट में जमा होगा। रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 10 नवंबर की जाएगी।
समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर आजम खान के परिवार मुश्किलें कम नहीं हो रही है। आजम खान के बेटे और सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम का पासपोर्ट कोर्ट में जमा किया जाएगा। इसको लेकर एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के प्रार्थना पत्र पर यह निर्णय सुनाया है। इस मामले में अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी।

मालूम हो कि पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग अलग जन्म प्रमाण पत्रों से दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाए हैं। इस मुकदमे का ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है। इस मामले की सुनवाई हो रही है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिसमें पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को पासपोर्ट जमा कराने की मांग की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इस पर आपत्ति जताई, लेकिन अदालत ने आपत्ति को अस्वीकार कर दिया।
अभियोजन अधिकारी राकेश कुमार मौर्य ने बताया कि कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई से पहले अपना मूल पासपोर्ट कोर्ट में जमा करें। अदालत का यह निर्णय मामले की गंभीरता को देखते हुए दिया गया है ताकि साक्ष्य सुरक्षित रह सकें और जांच प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे। मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को निर्धारित की गई है। इस केस को लेकर रामपुर की राजनीति में फिर से हलचल तेज हो गई है।





