रामपुर जेल में बंद आजम खां को सांस लेने में हुई दिक्कत, जेलर से मांगा नेबुलाइजर
धोखाधड़ी के केस में रामपुर की जेल में बंद आजम खां को शुक्रवार को सांस लेने में दिक्कत हुई। जिस पर उन्होंने जेल प्रशासन से नेबुलाइजर की मांग की। चिकित्सक की राय पर जेल प्रशासन ने नेबुलाइजर मांगवाकर दिया।

धोखाधड़ी के केस में रामपुर की जेल में बंद आजम खां को शुक्रवार को सांस लेने में दिक्कत हुई। जिस पर उन्होंने जेल प्रशासन से नेबुलाइजर की मांग की। चिकित्सक की राय पर जेल प्रशासन ने नेबुलाइजर मांगवाकर दिया। इस दौरान शुक्रवार को आजम खां और उनके बेटे से किसी ने भी मिलने की पर्जी नहीं लगाई थी। भाजपा नेता एवं वर्तमान में शहर विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में सिविल लाइंस थाने में अब्दुल्ला आजम के खिलाफ केस दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्रों से दो पैनकार्ड बनवाए हैं।
आरोप है कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर दोनों ही पैनकार्ड का अब्दुल्ला आजम ने समय-समय पर इस्तेमाल भी किया है। जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले में सात साल की सजा सुनाई। सजा के बाद दोनों को रामपुर जेल ले जाया गया। इस बीच शुक्रवार को आजम खां को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिस पर उन्हें जेल अस्पताल के चिकित्सक से परमार्श दिलाया गया। चिकित्सक की राय पर जेलर ने नेबुलाइजर उपलब्ध कराया। जेलर सुनील कुमार ने बताया कि जेल के नियमों के अनुसार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। नेबुलाइजर मांगा गया था। चिकित्सक की राय के बाद उपलब्ध करा दिया गया है।
जेल में कुर्सी न मिलने पर चढ़ा आजम का पारा
रामपुर में जनपद कारागार में बंद सपा नेता आजम खां को कुर्सी नहीं मिली तो उनका पारा चढ़ गया, उन्होंने मुलाकात से मना कर दिया। सूत्रों की मानें तो आजम खां ने जेल प्रशासन से अपनी सेहत का हवाला देते हुए बैठने के लिए कुर्सी की मांग की। जेल प्रशासन ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए कुर्सी देने से मना कर दिया, जिस पर आजम खां नाराज हो गए और अपने बेटे व बहन से मुलाकात करने से मना कर दिया। उधर आजम खां की उम्र को देखते हुए जेल प्रशासन ने उन्हें अतिरिक्त कंबल और चादर उपलब्ध कराई हैं। खाने की सुरक्षा की मांग को देखते हुए उनका खाना जेल स्टाफ की मौजूदगी में दिया जा रहा है।

लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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