आजम खान को कोर्ट से झटका; विवादित बयान मामले में दोषी करार, 2 साल की सजा
विवादित बयान मामले पर आजम खान को अदालत से झटका लगा है। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 20 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया है। ये तनखइया हैं...इनसे जूते साफ कराऊंगा। ये बयान आजम ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिया था।

ये तनखइया हैं...इनसे मत डरियो...इंशा अल्लाह इनसे जूते साफ कराऊंगा...लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान के इस विवादित बयान पर शनिवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा से दंडित किया है। अदालत ने 20 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया है। मालूम हो कि 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आजम खान समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी थे। इस दौरान भोट थाना क्षेत्र में आयोजित रोड शो के दौरान आजम का एक विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था।
तत्कालीन डीएम को लेकर दिया था विवादित बयान
जिसमें आजम खान तत्कालीन जिलाधिकारी पर निशाना साधते हुए कहते सुनाई दे रहे थे कि ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा....। आजम के इस वीडियो पर दिल्ली में चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी एवं वर्तमान में कमिश्नर मुरादाबाद आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विस क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में केस दर्ज कराया गया था।
आजम को 2 साल की सजा, 20 हजार का जुर्माना
इसमें आजम खान के खिलाफ चार्जशीट अदालत दाखिल की गई। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में इस केस का ट्रायल चल रहा था। एपीओ स्वदेश शर्मा ने बताया कि अदालत ने विवादित बयान के चर्चित प्रकरण में दोषी ठहराते हुए दो साल का साधारण कारावास और 20 हजार रुपयों के जुर्माने से दंडित किया है।
सजा बढ़वाने को लेकर अपील पर हुई बहस
रामपुर। सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को लोअर कोर्ट से मिली सात साल की सजा के खिलाफ सरकार ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील की हुई है। जिस पर शुक्रवार को बहस हुई। आजम की ओर से सुप्रीम के अधिवक्ता कोर्ट में पेश हुए और बहस की, जो पूरी नहीं हो सकी। इसम मामले में 18 मई को सुनवाई होगी।
झूठे शपथ पत्र पर 12 जून को सुनवाई
वहीं आजम के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम पर झूठा शपथ पत्र दाखिल करने के आरोप में दर्ज केस में गुरुवार को कोर्ट ने प्रशासन से अब्दुल्ला के उम्र संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। इस केस में अगली सुनवाई 12 जून को होगी। मालूम हो कि अब्दुल्ला आजम ने सपा के टिकट पर पूर्व में स्वार से विधानसभा चुनाव लड़ा था और वह चुनाव जीत भी गए थे।


