तीन मौतों के बाद भी नहीं थमा कहर, शोक में डूबे परिवार पर मुकदमे का बोझ
Ayodhya News - अयोध्या के करेरू गांव में दलित परिवार के मुखिया पाटनदीन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे, बहू और पोते की मौत के बाद, पुलिस ने उनके बेटों पर दहेज का मुकदमा दर्ज किया है, जिससे परिवार को और परेशानी का सामना करना पड़ा है। ग्रामीणों ने इस कार्रवाई की निंदा की है।

अयोध्या, संवाददाता। रौनाही थाना क्षेत्र के करेरू गांव में हुए हृदयविदारक घटनाक्रम के बाद दलित परिवार के मुखिया पाटनदीन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बहू, बेटे और मासूम पोते की मौत के बाद भी परिवार की पीड़ा कम नहीं हो रही, बल्कि नए घटनाक्रमों ने जख्म और गहरे कर दिए हैं। शुक्रवार को बेटे और बहू के अंतिम संस्कार के बाद किरिया कर्म में बैठे पाटनदीन सुकून से अपने मृत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड भी नहीं कर पा रहे हैं। रोते-बिलखते उन्होंने बताया कि दाह संस्कार के बाद कलाफरपुर घाट से रौनाही पुलिस उनके बेटे अवधेश और सदानंद को अपने साथ ले गई, जिससे वे अपने भतीजे, यानी मृत मासूम पोते के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके।पाटनदीन
के मुताबिक जब दोनों बेटे अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे तो उन्होंने जानकारी जुटाई। शनिवार सुबह थाने पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि उनके बेटों के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज किया गया है और अब जमानत फैजाबाद से करानी होगी। यह सुनते ही वह फफक पड़े।हालांकि रौनाही थाना प्रभारी लाल चंद्र सरोज ने मृतका की मां सुमित्रा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने की बात तो बताई , लेकिन किसी की गिरफ्तारी या साथ ले जाने इंकार किया है।इस पूरे घटनाक्रम से गांव में आक्रोश व्याप्त है। ग्राम प्रधान गिरिजेश त्रिपाठी ने पुलिस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए कहा कि जिस परिवार में एक साथ तीन-तीन मौतें हुई हों, वहां इस तरह की कार्रवाई बेहद संवेदनहीनता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को राहत देने की मांग की है।
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