बोले अयोध्या...जनता जागरूक बने, जिम्मेदार विभाग सचेत हो तो सुधरे हालात

Jan 16, 2026 04:47 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अयोध्या
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Ayodhya News - अयोध्या में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए तीन साल पहले इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया था। हालांकि, शहर के चौक-चौराहों पर अभी भी भीड़ और जाम की स्थिति बनी हुई है। यातायात पुलिस की तैनाती और जागरूकता अभियान के बावजूद, ट्रैफिक सिग्नल और सड़क नियमों का पालन नहीं हो रहा है।

बोले अयोध्या...जनता जागरूक बने, जिम्मेदार विभाग सचेत हो तो सुधरे हालात

यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और चौक-चौराहों पर जाम से निजात के लिए तीन वर्ष पूर्व प्रदेश सरकार की ओर से इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत शहर के 20 प्रमुख चौक-चौराहों पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल स्थापित कराया गया था। उम्मीद जताई गई थी इससे ट्रैफिक का हाल सुधर जाएगा। मगर ऐसा नहीं हो पाया। आज भी शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर जाम के हालात बन जाते हैं। ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित होने के साथ सभी चौक-चौराहों पर शिफ्ट में यातायात पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट... अयोध्या। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जाता है।

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वर्ष में एक बार यातायात माह और एक बार यातायात सप्ताह का आयोजन किया जाता है। साथ ही व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू किया गया है और प्रमुख चौक-चौराहों पर आटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नलिंग के साथ ऑनलाइन चालान और निगरानी की व्यवस्था है। बीते वर्षों में यातायात पुलिस का दायरा बढ़ाया गया है और पहले की अपेक्षा जिले में यातायात पुलिस कर्मियों की तैनाती तीन गुना हुई है। मेला-पर्व और वीआईपी तथा वीवीआईपी के आगमन पर प्रक्षेत्र, जोन और सुरक्षा मुख्यालय से अतिरिक्त यातायात पुलिस और इनके अधिकारियों की तैनाती की जाती है। यातायात पुलिस के लिए साधन-संसाधन भी बढ़ाये गए हैं,मगर अयोध्या आने वाली श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ के कारण रामनगरी में सारी कवायद नाकाफी साबित हो रही है। भीड़ के मद्देनजर आम दिनों में भी रामपथ पर टेढ़ी बाजार से लेकर प्रमोद वन मोड़ के पास पुराना पोस्ट आफिस चौराहा तक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहता है। बाहर से आने वाले वाहनों को अयोध्या धाम के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर ही रोक दिया जाता है। जुड़वा शहर फ़ैजाबाद में वाहनों के आवागमन पर अमूमन प्रतिबंध तो नहीं है लेकिन वाहनों की भीड़ और चालकों की ओर से यातायात नियमों का अतिक्रमण किये जाने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हो पा रही है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों चौक घंटाघर,देवकाली बाईपास,नाका बाईपास और रिकाबगंज चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था को बहाल रखने के लिए वहां पर तैनात यातायात कर्मियों के साथ संबंधित क्षेत्र की पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से भी चालान किया जाता है और निर्देश भी दिया जाता है। साथ ही यातायात पुलिस और सिविल पुलिस भी वाहनों का चालान करती है लेकिन व्यवस्था में अभी तक अपेक्षित सुधार नहीं दिख पाया है। व्यवस्था के सुधर न पाने में बड़ा कारण प्रमुख चौक-चौराहों पर स्थान की कमी का होना और सड़कों का संकरा होना तथा साईकिल ट्रैक का न होना और फुटपाथ का खाली न रहना है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने के लिए समय-समय पर यातायात पुलिस व सिविल पुलिस की ओर से सड़क सुरक्षा अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। अपने बाएं लेन को खाली रखने,अपने वाहनों को निर्धारित लेन में कतारबद्ध रखने और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने की हिदायत दी जाती है, मगर चौक-चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल से लेकर रेलवे क्रासिंगों के दोनों तरफ दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहन चालक और ई रिक्शा वाले अपने वाहन को बीच घुसेड़ देते हैं अथवा सड़क की दोनों लेन पर कब्जा कर लेते हैं,जिससे सिग्नल होने के बावजूद गाड़िया और लोग इसी जाम में फंसे रहते हैं तथा जैम के हालत पैदा हो जाते हैं। चौक-चौराहों से लेकर सड़क किनारे कब्जा जमाये ठेला-खोमचा और पटरी दुकानदार तथा शहर में आई ई रिक्शा की बाढ़ भी सुचारु यातायात व्यवस्था की राह में बड़ी बाधा है। पुलिस की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर सड़क की पटरियों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाता है और अतिकरण करंदे वालों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई भी की जाती है लेकिन कुछ ही समय पर फिर वही पुराना हाल हो जाता है। शहर क्षेत्र में वाहनों पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण दुकानदार से लेकर खरीददार तक अपने दो पहिया और चार पहिया वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर रहे हैं, जिसके कारण चौड़ीकरण के बावजूद सड़कें सिकुड़ी हुई हैं। यातायात नियमों का उललंघन तो आम बात हो गई है। अक्सर चालकों की असावधानी,बिना हेलमेट,ओवर स्पीड और शराब पीकर वाहन चलाने व सड़क सुरक्षा के अन्य नियमों का पालन न करने के मामले दिखते हैं। सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन को लेकर चालकों को यातायात पुलिस,परिवहन विभाग आदि की ओर अभियान चलाकर प्रतिवर्ष जागरूक किया जाता है। वहीं विभाग की ओर से शमन की कार्रवाई भी की जाती है,लेकिन रवैया बदलने का नाम नहीं ले रहा है। चालक नियमों का सड़क पर पालन नहीं करते,वहीं जिम्मेदार मानक का अनुपालन करने में लापरवाह नजर आते हैं। प्रतिदिन दर्शनार्थियों का बढ़ता लोड, समस्या कर रहा बहुगुणित:जिले में दिनों-दिन वाहनों की बढ़ती तादात भी सुचारु यातायात की राह में बाधा साबित हो रही है। वाहनों की तादात लगातार बढ़ती जा रही है और इनके सापेक्ष सड़कों की चौड़ाई और शहर का विस्तार नहीं हो पाया है। भारी मालवाहक वाहनों का दिन में शहर में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है और केवल रात में शहरी क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति है। संभागीय परिवहन कार्यालय में लगभग साढ़े पांच लाख (दो पहिया,चार पहिया,सवारी व कामर्शियल) वाहन पंजीकृत हैं। अयोध्या धाम में जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के साथ रामनगरी में वाहनों की आमदरफ्त कई गुना बढ़ गई है। देश के विभिन्न प्रांतों से लेकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या आ रहे हैं। प्रमुख मेलों और पर्वों अथवा किसी विशिष्ट के आगमन-दौरे पर अयोध्या धाम को आइसोलेशन जोन घोषित करना पड़ता है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी घंटों वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया जाता है। शहर की सड़कों पर मोड़, दुर्घटना बाहुल्य स्थल व अन्य नियमों के संकेतक नजर नहीं आ रहे हैं। जिम्मेदार विभाग की ओर से पूर्व में संकेतक लगाए गए थे,लेकिन अब वे संकेतक बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं या सड़कों से नदारद हो गए हैं। वहीं चौराहे पर सिग्नल लाइटें लग चुकी है,लेकिन सभी चालू हालत में नहीं हैं। व्यवस्था को सुचारु बनाने में लगाए गए और चौक-चौराहों पर तैनात कर्मियों का कहना है कि वाहनों की भीड़ के कारण समस्या तो आ रही है लेकिन उससे ज्यादा समय खुद वाहन चालक हैं। जिनको थोड़ा भी सब्र नहीं रहता। एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में दोनों लेन कवर कर लेते हैं और ट्रैफिक सिग्नल हरा होने के बावजूद गाड़ियां फंसी रहती हैं। अगर लोग यातयात नियमों का पालन करें और एक लेन को खली रखें तो जाम की समस्या आये ही नहीं। बोले लोग-: शहर में चौराहे पर सिग्नल लाइटें लगा दी गई हैं,लेकिन मानक नहीं पूरा किया गया है। कई चौराहे पर सिग्नल लाइट काम नहीं करती हैं। साथ ही वाहनों के बेतरतीब संचालन पर लगाम नहीं लग पा रही है, जिसके कारण ट्रैफिक व्यवस्था नहीं सुधर रही। अनूप श्रीवास्तव शहर की आबादी और वाहनों की तादात तो बढ़ गई लेकिन उसके सापेक्ष व्यवस्थाएं नहीं बढ़ पाई। सड़कों पर अतिक्रमण की वजह से पैदल चलने की जगह नहीं बची है। साइकिल से लेकर बड़ी गाड़ी तक एक ही सड़क पर चल रही है,जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। शिवाकांत द्विवेदी सड़क पर सुरक्षा के मानक का कड़ाई से अनुपालन कराया जाना चाहिए। नाला-नाली और अन्य निर्माण को लेकर निर्माण सामग्री सड़क किनारे रख दी जाती है और मरम्मत के लिए मोबाइल बैरिएर लगा सड़क को डाइवर्ट कर दिया जाता है। इससे आवागमन में दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। योगेंद्र सिंह प्रशासन का कहना है कि पूरा शहर इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट के तहत ऑनलाइन निगरानी में है,मगर हर सड़क पर वाहन चालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। शाम और रात को ओवरस्पीड में फर्राटा भरते बाइक सवार युवक लगभग हर सड़क पर दिख जाएंगें। ओवर स्पीड वाहनों पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए। फजलु रहमान शहर के चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगवाई गई हैं,लेकिन जागरूकता के अभाव में चालक नियमों का पालन नहीं करते हैं और यातयात नियम तोड़ते रहते हैं। इससे उनको आर्थिक दंड भुगतना पड़ता है और सुचारु आवागमन के राह में बाधा खड़ी होती है। अब्दुल लतीफ नो हेलमेट नो पेट्रोल का नारा तो गढ़ दिया गया लेकिन इसका कड़ाई से अनुपालन नहीं कराया जा रहा। आमजन को यातायात नियमों के अनुपालन न करने से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी देनी होगी। सड़क पर फर्राटा भरने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए यातायात पुलिस सख्ती करे। पंकज शर्मा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे नाका,देवकाली और नवीन मंडी के पास अतिक्रमण बढ़ गया है। सर्विसलेन पर भारी वाहनों का कब्जा रहता है। ऐसे में वाहनों के सुचारु आवागमन में खड़ी होती है और अक्सर जाम लग जाता है। भीड़ के दबाव को देखते वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था कराई जानी चाहिए। वैभव बोले जिम्मेदार: इस बारे में अपर नगर आयुक्त भारत कुमार का कहना है कि संभागीय परिवहन कार्यालय, यातायात और पुलिस के समन्वय से ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था कराई जा रही है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत निगम की ओर से ट्रैफिक मैनजेमेंट के लिए आईटीएमएस लागू किया गया है और इसके माध्यम से निगरानी,सिग्नलिंग और कार्रवाई की जा रही है। नियमों का अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ लगातार ऑनलाइन चालान की कार्यवाही कराई जा रही है। पहले से ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है।

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