बड़ी संख्या में कल्पवासियों ने रामनगरी की पंचकोसी परिक्रमा

बड़ी संख्या में कल्पवासियों ने रामनगरी की पंचकोसी परिक्रमा

संक्षेप:

Ayodhya News - अयोध्या में शरद पूर्णिमा से शुरू हुए कल्पवास के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने एकादशी के पर्व पर पंचकोसी परिक्रमा की। श्रद्धालुओं ने मां सरयू में डुबकी लगाने के बाद भजन-कीर्तन करते हुए परिक्रमा शुरू की।...

Oct 18, 2025 12:19 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अयोध्या
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अयोध्या। शरद पूर्णिमा से अयोध्या में शुरू हुए एक माह कल्पवास के क्रम में यहां निवास कर रहे हजारों श्रद्धालुओं ने एकादशी के पर्व पर राम नगरी की पंचकोसी परिक्रमा की। इसके पहले भोर में श्रद्धालुओं ने मां सरयू के पुण्य सलिल में डुबकी लगाई और फिर भजन-कीर्तन करते हुए परिक्रमा पथ पर निकल पड़े। रामनगरी की परम्परा में यहां प्रत्येक एकादशी को संत-साधक पंचकोसी परिक्रमा करते हैं। कार्तिक शुक्ल एकादशी जिसे देवोत्थानी एकादशी कहा जाता है, के पर्व पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां आकर इस परिक्रमा में सम्मिलित होते हैं। फिलहाल शुक्रवार को भोर में शुरू हुई परिक्रमा के दौरान आस्था के पथ पर पूर्वाह्न दस बजे तक श्रद्धालुओं का जत्था रामनाम जप करते हुए आगे बढ़ता नजर आया।

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इस दौरान निर्माणाधीन परिक्रमा पथ पर पसरी गिट्टियों के मध्य नंगे पांव चलना किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं था। गनीमत यह रही भगवान भुवन भास्कर की तपिश कम रही जिसके कारण श्रद्धालुओं को उतनी कठिनाई नहीं हुई और वह सफलतापूर्वक अपनी मंजिल को पार पा गये। खास बात यह है कि इस परिक्रमा पथ का चौड़ीकरण व निर्माण कार्य बीते एक साल से चल रहा है लेकिन निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। विशेष रूप से चक्रतीर्थ से लेकर सरयू तट के बीच कई तरह की बाधाएं। यह हाल तब है जबकि कार्तिक परिक्रमा व पूर्णिमा स्नान मेला यहां 29 अक्तूबर को 14 कोसी परिक्रमा के साथ शुरू होगा। करीब 50 किमी लंबे परिक्रमा पथ पर यह परिक्रमा पूरे 24 घंटे चलती है। इस परिक्रमा में भी लाखों श्रद्धालु गण सम्मिलित होते हैं। इस साप्ताहिक मेला समापन पांच नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान से होगा। इस दौरान देवोत्थानी एकादशी के पर्व पर एक नवम्बर को पंचकोसी परिक्रमा होगी।