शनि मंदिरों में आरती-पूजन से मनाई गयी जयंती
Ayodhya News - अयोध्या में ज्येष्ठ अमावस्या को शनिदेव का जन्मदिन मनाया गया। शनिदेव को मेहनत और अनुशासन का देवता माना जाता है। इस दिन विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया गया। शनिदेव की कृपा से लोगों को कल्याण मिलता है। शनि मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखी गई।

अयोध्या। मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या को सूर्यदेव के पुत्र शनि देव का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इसी धारणा को लेकर ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है । इस समय शनिदेव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। शनिदेव को अनुशासन और मेहनत का देवता माना जाता है, इसलिए शॉर्टकट अपनाने वालों को नुकसान और ईमानदारी से मेहनत करने वालों को फायदा दिलाते है।उन्हें दंडाधिकारी का दायित्व प्राप्त है और वह न्याय प्रिय देवता एवं नवग्रहों में प्रमुख माने गये है। इसके कारण उनकी कृपा कल्याणकारी है।
उन्हें क्रूर ग्रह मानकर लोग भयभीत रहते थे और शनिदेव की अनुकूलता के लिए हनुमानजी की आराधना करते है। फिलहाल अब शनि मंदिर भी बन गये है और उनके नियमित दर्शनार्थी भी है। शनि जयंती के अवसर नजरबाग स्थित मंदिर एवं उदया चौराहा के निकट मंदिर में विशेष आयोजन कर उनका पूजन किया गया और जन्म की आरती उतारी गयी।
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