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बोले अयोध्या:सोलर लगवाने में बढ़ी रुचि पर मीटरिंग की समस्या हो दूर

बोले अयोध्या:सोलर लगवाने में बढ़ी रुचि पर मीटरिंग की समस्या हो दूर

संक्षेप:

Ayodhya News - अयोध्या में महंगी बिजली और कटौती के कारण लोग अब सोलर प्लांट लगवा रहे हैं। सौर ऊर्जा की ओर रुझान बढ़ रहा है, जिससे सोलर प्लांट लगाने वालों की संख्या सात माह में ढाई गुना बढ़ गई है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत सरकारी सब्सिडी भी उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रही है। हालांकि, मीटरीडिंग में समस्याएं आ रही हैं।

Sun, 30 Nov 2025 06:42 PMNewswrap हिन्दुस्तान, अयोध्या
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महंगी बिजली और बिजली कटौती से निजात पाने के लिए लोग अब सोलर प्लांट लगाने की ओर रुख कर रहे हैं। जिन लोगों ने सोलर प्लांट लगवा रखा है उनके सामने सबसे बड़ी समस्या समय से मीटरीडिंग की है। हालांकि, सोलर प्लांट लगवाना अब पहले से काफी आसान हो चुका है। जिले में कई वेंडरों द्वारा पीएम सूर्यघर मुफ्ती बिजली योजना के तहत लोगों को सोलर पैनल लगवाये जाने को प्रेरित भी कर रहे हैं। धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान भी कुछ वेंडर अपने कैंप लगाकर सोलर प्लांट के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। ' हिंदुस्तान' ने बोले अयोध्या अभियान के तहत सोलर प्लांट लगवाने वालों से बात की तो लोगों ने प्लांट की स्थापना के बाद हो रही दिक्कतों के बारे में अपनी समस्याओं को साझा किया।

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अयोध्या। इन दिनों सौर ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं। प्रदेश की योगी सरकार ने भी अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का संकल्प जताया है। जिले में आम लोगों में बिजली की समस्याओं को के मद्देनजर सोलर प्लांट लगवाने में रूचि बढ़ी है। अयोध्या जनपद पूरी तरह से सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की जो परिकल्पना मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है उसने कुछ हद तक सफलता भी मिलती दिख रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब सात माह पहले जब हिंदुस्तान ने सौर्य ऊर्जा के लिए अभियान चलाया था तब जनपद में करीब 1250 सोलर प्लांट लगाने वाले लोग ही थे जबकि मौजूदा समय में जिले में सोलर प्लांट लगवाने वालों की होड़ लग गई है। नेडा कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 7689 लोगों ने सोलर प्लांट लगाने के लिए आवेदन किया है जिसमें से 3275 लोगों के यहां सोलर प्लांट लग भी चुके हैं। जिले में सोलर से बिजली का उपभोग करने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अयोध्या कैंट शहर में भी सैकड़ों लोगों ने अपने घरों में सोलर प्लांट लगाया है। सौर प्रौद्योगिकी के अपने अभिनव उपयोग, सामुदायिक भागीदारी के प्रति प्रतिबद्धता के साथ अयोध्या प्रगति कर रही है। इसका उदाहरण जनपद की पूराबाजार विकास खण्ड अन्तर्गत सरायरासी और रामपुर हलवारा में एनटीपीसी के माध्यम से 40 मेगावॉट का सोलर प्लांट स्थापित हो चुका है। जनपद में सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने के लिए संसाधनों की कमी नहीं है। यूपी नेडा ने जिले में 50 हजार सौर ऊर्जा संयंत्र लगाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 3275 लोगों ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन करके सौर ऊर्जा का प्लांट अपने घरों, कार्यालयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर लगवाये हैं। हालांकि, सोलर प्लांट लगवाने में कई तरह की बाधाओं से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। जिले में अब तक 5456 वेंडरों का चयन किया जा चुका है 22 पंजीकृत वेंडरों के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सोलर प्लांट लग रहे हैं। ‘सोलर पैनल लगवाने में आ रही बाधाओं और समस्याओं पर कुछ लोगों से बात की तो यह बात सामने सामने निकल कर आई कि स्थानीय वेंडरों से सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने में लोगों को कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बाहरी एजेंसी सोलर प्लांट लगवाने पर बिजली विभाग से नेट मीटरिंग के लिए उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। वैसे तो किसी तरह की कोई बाधा नहीं है। क्योंकि पैनल अडानी ग्रुप का है और यह नया कार्यक्रम है इसलिए सौर ऊर्जा उपकरणों के मिलने में कुछ समस्या आ रही है। सात माह में ही ढाईगुना बढ़ गई सोलर प्लांट लगवाने वालों की संख्या:बिजली की दरों में वृद्धि और बढ़ती खपत को देखते हुए सौर ऊर्जा की ओर उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। लोग घरों की छतों पर सोलर संयंत्र लगाकर बिजली के बोझ से राहत पाने की जुगत में जुटे हैं। पीएम सूर्य घर योजना की शुरूआत अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई थी। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 जनवरी और फरवरी माह में जनपद में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना का कार्य तेजी से शुरू हुआ है। वही जनपद में वर्ष 2025- 26 के नवंबर तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जहां मई 2025 तक केवल 1210 घरों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में सोलर संयंत्र लगाए गए ह थे। वहीं अब यह संख्या बढ़कर 3275 हो चुकी है। सरकार से मिल रही सब्सिडी कर रही आकर्षित:पीएम सूर्य घर योजना से मिल रही सब्सिडी भी उपभोक्ताओं को इस ओर आकर्षित कर रही है। यूपी नेडा विभाग से पंजीकृत 22 वेंडरों के माध्यम से जनपद में लोग सोलर प्लांट लगवा रहे हैं। अयोध्या शहर में कालोनियों और प्राइवेट भवनों में जगह-जगह सोलर प्लांट लग रहे हैं। यही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी सोलर प्लांट लगवाने का चलन तेजी से बढ़ा है। रुदौली क्षेत्र में अब तक दर्जनो सोलर प्लांट लग चुके हैं। यह सभी प्लांट घरों पर लगे हैं। सभी तीन किलोवॉट के प्लांट हैं। अगर स्मार्ट मीटर नहीं लगा है तो नेट मीटरिंग की जाती है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को इस्तेमाल में लाने पर जोर दे रही है। इसी के तहत सोलर पैनल लगवाने के लिए तेजी से लोगों का रुझान बढ़ रहा है। कुछ लोग नगद खर्च कर रहे हैं और कुछ बैंक से फाइनेंस भी करवाते हैं। बैंकों से इसकी 2000 से लेकर 3500 रुपए तक की आसान किस्तें होती हैं। नेट मीटरिंग की समस्या का नहीं हो रहा निस्तारण:अब यह उपभोक्ता पर निर्भर करता है कि वह अपने पास से कितनी धनराशि डाउन पेमेंट देता है। फिलहाल सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने में कोई खास दिक्कतें लोगों को नहीं हो रही हैं। किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है। अलबत्ता बिजली विभाग से नेट मीटरिंग में कुछ समस्या लोगों को आती है। खास कर आधार कार्ड में बिजली के बिल में नाम संशोधन करवाने में दिक्कत होती है। सोलर प्लांट लगवाने के पहले कुछ प्रक्रियाएं पूरी करनी होती है। जैसे वेंडर पहले क्षत की लोकेशन देखते हैं क्योंकि सौर संयंत्र लगवाने के लिए 200 वर्गफीट न्यूनतम जगह चाहिए। उसके बाद लोग बताते हैं कि कैश या लोन करवाते हैं। लोन पर लगवाने के लिए बैंक खाते में पैसा भेजता है तो वेंडर सामान मंगवाते हैं। नेट मीटरिंग के लिए बिजली विभाग में जाना पड़ता है। रुदौली में सौर ऊर्जा का प्लांट लगाने वाले सत्यम कुमार कहते हैं कि पहले उस जगह की जीओ टैगिंग की जाती है। फोटो अपलोड की जाती है। उसके बाद बिजली विभाग में नेट मीटिरंग के लिए भेजा जाता है। फिर उसे पीएम सौर घर पोर्टल पर अपलोड की जाती है। नेट मीटिरिंग के बाद बिजली उत्पादन शुरू हो जाता है। नेट मीटरिंग में एक सप्ताह का समय लगता है। इसके बाद पैनल सब्सिडी में चला जाता है। 30 से 45 दिन में सब्सिटी केन्द्र सरकार की ओर से 78 हजार और 30 हजार रुपए प्रदेश सरकार की ओर से आती है। तीन किलोवॉट पर एक लाख 80 हजार रुपए का खर्च आता है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग आधार, बिजली बिल की प्रति मांगता है। नेट मीटरिंग के लिए पेपर बिजली विभाग में जमा करना होता है। पेपर जमा करने के बाद अगर कोई समस्या नहीं है तो एक सप्ताह के अंदर काम हो जाता है। बोले लोग-: अभी कुछ दिन पहले ही हमने सोलर पैनल लगवाया है। अभी तक कोई समस्या नहीं है। सोलर आज की जरूरत भी है। क्योंकि बिजली का कोई ठिकाना तो रहता नहीं है। इसलिए मेरी सलाह यही है कि अगर आप सक्षम हैं और आपके पास जगह है तो सोलर प्लांट अवश्य लगवाएं। डॉ.रवि प्रकाश श्रीवास्तव 17 से 19 यूनिट बिजली रोज बनाता है। हमारे यहां तीन किलोवाट का सोलर प्लांट लगा है। बंदर तार नोच देते हैं। मीटरिंग सही है। पिछली बार जीरो बिल था। जबकि एक एसी लगातार चलती है। सोलर प्लांट का अच्छा परिणाम आ रहा है। सुविधा बहुत अच्छी मिलती है। इम्तियाज अहमद अज्जू हमारे यहां तीन किलोवॉट का सोलर प्लांट लगा है। लेकिन मीटर रीडिंग हर महीने नहीं हो पा रही है। मीटर रीडर बोलता है कि सर्वर काम नहीं कर पा रहा है। जब एक साथ कई महीने का बिल आएगा तो परेशानी हो जाएगी। इसलिए सर्वर की सुविधा मजबूत बने जिससे मीटिरंग न रुके। मो.नईम खान नुकसान तो नहीं हो रहा है। करीब छह माह पहले तीन किलोवॉट का सोलर प्लांट लगवाने से बिजली का बिल बहुत कम हो गया है। अलग से बिजली भी बचत हो रही है। जो बिजली सिस्टम में जा रही है उसका लाभ हो रहा है। मेरी सलाह है कि हर आदमी सोलर प्लांट लगवाए। प्रेम मोहन मालवीय तीन किलोवॉट का सोलर प्लांट अभी चार दिन पहले ही लगवाया है। कोई समस्या नहीं आयी है। मीटर से अभी कनेक्शन नहीं हुआ है। हम पूरी तरह से संतुष्ट हैं। हमारा मानना है कि सरकार की इस योजना का लाभ हर किसी को अवश्य उठाना चाहिए जिससे बिजली की बचत हो। सपना गुप्ता हमने तीन किलोवॉट का प्लांट है जो मैने तीन महीने पहले लगवाया था। मीटर रीडिंग हो रही है। फिलहाल कोई समस्या नहीं है। हमे कहीं नहीं जाना पड़ा सभी काम वेंडर स्काई लाइट सोलर द्वारा अच्छी सुविधा प्रदान की जा रही है। यह व्यवस्था बिजली बचत की बहुत अच्छी है। मुकेश कुमार स्मार्ट मीटर जो लग रहा है उसके पहला बिल निकलने में थोड़ी दिक्कत आ रही है। उसे रुटीन में आने में दो से तीन महीने लग जा रहा है। जो पुराना मीटर था वह वन-वे मीटर था। स्मार्ट मीटर में बिजली कितनी ली और कितनी दी। पीएम सूर्यघर योजना लाजवाब है। पीयूष कुमार श्रीवास्तव बोले जिम्मेदार: इस बारे में अधीक्षण अभियंता विनय कुमार का कहना है कि सोलर प्लांट जहां भी लोगों ने लगवाए हैं, वहां मीटरिंग और सर्वर की समस्या उनके संज्ञान में है। जब से मैने पदभार ग्रहण किया है उसी के बाद कम्पनी के अफसरों से सम्पर्क करने को कहा गया है कि जो समस्या आ रही है उसे शीघ्र से शीघ्र समाधान करवाया जाए। सर्वर की समस्या लगभग सभी सोलर प्लांट कनेक्शन पर आ रही है। लेकिन एक-दो सप्ताह में यह व्यवस्था पूरी तरह से ट्रैक पर आ जाएंगी।