दुकान सीलिंग के दौरान घर में बंद हुई युवती, हड़कंप
Ayodhya News - गृह कर बकाया वसूली के लिए तीन दुकानों की सीलिंग करने पहुंची थी नगर निगम

शहर के फतेहगंज क्षेत्र में बुधवार दोपहर नगर निगम की टीम जब तीन दुकानों की सीलिंग की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एक दुकान के अंदर रहने वाले परिवार का एक सदस्य बंद हो गया। जबकि तीन लोग घंटों बेटी को बाहर निकालने की जुगत लगाते रहे। देर रात लगभग 10:00 बजे नगर निगम की टीम के साथ पुलिस ने घर में बंद युवती को बाहर निकाला। नगर निगम की कार्रवाई की प्रति आक्रोश है। पीड़ित परिवार की प्रियंका का कहना है कि उसकी दुकान और मकान पर 90,000 रुपये गृह कर जलकर बकाया था। जिसमें ₹30,000 रुपये पहले जमा किए जा चुके हैं।
जबकि ₹30,000 उसने अपने चचेरे भाई को जमा करने के लिए दिया था। लेकिन उसने संभवतः जमा नहीं किया। बुधवार को अपराह्न 2:00 बजे करीब नगर निगम के टीम आई। साथ में पुलिस और महिला कांस्टेबल भी थी। नगर निगम के अधिकारियों ने बिना नोटिस दिए घर पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। उनके परिवार में चार सदस्य थे। उनकी मां एक भाई और उसकी एक बहन सबको जबरदस्ती जल्दी-जल्दी बाहर कर दिया। कहा कि तुम्हारा बकाया बहुत है, वह और उसकी मां और भाई को बाहर निकाला है लेकिन उसकी एक बहन अंदर ही बंद हो गई। इसी दौरान अधिकारी दुकान को सील कर चले गए। इसकी सूचना उन्होंने फोन पर अफसरों को दी। लेकिन कोई काफी देर तक नहीं आया। इस दौरान वहां मोहल्ले के लोग भी भारी मात्रा में इकट्ठा हो गए। सूचना पाते ही फतेहगंज चौकी इंचार्ज और नगर निगम के अधिकारी देर शाम मौके पर पहुंच गए। इस बीच अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार का कहना है कि दोपहर में तीन दुकानों की सीलिंग कार्रवाई करने नगर निगम कर्मी,महिला पुलिसकर्मी तथा चौकी इंचार्ज फतेहगंज मौके पर गए थे। तीनों दुकानों को बकाया पर सील किया गया, लेकिन दो दुकानों का पैसा जमा हो गया तो उन्हें खोल दिया गया। उनका कहना है कि किसी को अंदर बंद नहीं किया गया, बल्कि भवन स्वामी ने यह नाटक किया है। उसको घर के अंदर बंद करके यह अफवाह फैला दी कि नगर निगम वाले बंद करके चले गए हैं।
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