ईरान के सुप्रीम लीडर के मारे जाने पर शोकसभा
गोसाईगंज में आयातुल्लाह खामेनेई की शहादत पर शोक सभा आयोजित की गई। समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद वैस अंसारी ने कहा कि उनकी शहादत ने शिया और सुन्नी के बीच भेद मिटा दिया है। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमलों ने भारत-ईरान रिश्तों में दरार पैदा की है और मासूम बच्चों की जान जा रही है।

गोसाईगंज, संवाददाता। आयातुल्लाह खामेनेई की शहादत ने यजीदियत के खिलाफ दूसरे कर्बला की इबारत लिख दी है। उनकी शहादत ने शिया और सुन्नी के बीच का फर्क मिटा दिया। उक्त बातें समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद वैस अंसारी ने ईरान के खिलाफ इजरायल अमेरिका के संयुक्त हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह खामेनेई की शहादत पर आयोजित शोक सभा में कहा। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा भारत का मित्र देश रहा है। इधर अमेरिका की क्रूर एवं नरसंहारी नीतियों के कारण जहां एक तरफ भारत और ईरान के रिश्तों में दरार पैदा हुई वहीं दूसरी तरफ ईरान में सामूहिक नरसंहार हो रहा है।
छोटे-छोटे मासूम बच्चे युद्ध के नाम पर मौत के मुंह में धकेले जा रहे हैं। ईरान के खिलाफ इजरायल अमेरिका के संयुक्त हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह खामेनेई की मौत से गोसाईगंज के मुस्लिम भी आक्रोशित एवं ग़मगीन नजर आए। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमेरिका मिडिल ईस्ट पर अपना एक छत्र वर्चस्व चाहता है, वह हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए और समूचे विश्व के लिए खतरनाक है। उन्होंने अपने संबोधन में भारत के प्रधानमंत्री से युद्ध रोकने के लिए पहल करने की याचना भी की है। शोक सभा में शहर इमाम हाजी अब्दुल हक बरकाती,सफरुल्लाह सफर, रमजान अली राईन,तनवीर अरशद राजू,फिरदौस अंसारी, डॉ जफर,डॉ जावेद, सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


