सिंधी भाषा में संविधान पढ़ने के निर्णय पर सिंधी समाज खुश
Ayodhya News - अयोध्या में अब सिंधी भाषा में भारत का संविधान पढ़ा जाएगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधा कृष्णन 10 अप्रैल को इस संस्करण का अनावरण करेंगे। भक्त प्रहलाद सेवा समिति ने इस निर्णय पर खुशी जताई है और इसे मोदी सरकार का ऐतिहासिक कार्य माना है। संविधान का अनुवाद सिंधी भाषी लोगों के लिए आसान होगा।

अयोध्या। अब सिंधी भाषा में भी भारत का संविधान पढ़ा जाएगा। देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधा कृष्णन 10 अप्रैल को उपराष्ट्रपति भवन दिल्ली में सिंधी देवनागरी भाषा में अनुवादित संस्करण का अनावरण करेंगे। इस फैसले पर भक्त प्रहलाद सेवा समिति व यूथ विंग के पदाधिकारियो ने रामनगर कालोनी मे बैठक करके खुशी जताई है। बैठक में समिति के अध्यक्ष कन्हैया लाल सागर, विक्रम आहूजा ने केन्द्र सरकार के प्रति आभार जताया है। इन्होंने कहा कि कहा कि यह मोदी सरकार का ऐतिहासिक कार्य हैं। संरक्षक नारायण दास व राजकुमार मोटवानी ने कहा कि सिंधी भाषा में संविधान का अनुवाद होने पर देश- विदेश में रहने वाले सिंधी भाषी लोग आसानी से संविधान पढ़ सकेंगे और समझेंगे।
महासचिव ओमप्रकाश ओमी ने बताया कि सिंधी देवनागरी भाषा में संविधान को अनुवादित करने वाली पांच सदस्यीय कमेटी में अमर शहीद संत कवरराम साहिब अध्ययन केंद्र के मानद सलाहकार ज्ञान प्रकाश टेकचंदानी सरल भी शामिल हैं। बैठक में तेजकुमार माखेजा, टीकम दास माखेजा, सुरेश तलरेजा, राहुल सावलानी, उमेश संगतानी ने खुशी व्यक्त की है।
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