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भीषण गर्मी से अधूरी नींद, बना सकती है मानसिक रोगी

अयोध्या, संवाददाता। स्वस्थ्य वयस्को को कम से कम सात घंटे सोना चाहिए। बच्चों को...

भीषण गर्मी से अधूरी नींद, बना सकती है मानसिक रोगी
हिन्दुस्तान टीम,अयोध्याMon, 27 May 2024 06:35 PM
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अयोध्या, संवाददाता। स्वस्थ्य वयस्को को कम से कम सात घंटे सोना चाहिए। बच्चों को मानसिक स्वस्थ्य रहने के लिए इससे ज्यादा नींद लेने की आवश्यकता पड़ती है। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से नींद न आने की शिकायतें लोग कर रहे है। भीषण गर्मी मे नींद पूरी न होने से पैरासोमनिया स्लीप डिस्ऑडर होने का खतरा रहता है। इस बीमारी में नींद टूटने पर चिल्लाना, धड़कन का तेज होना, मुंह सूखना तथा उटपटांग हरकते व्यक्ति के भीतर दिखाई देने लगती है।

तापमान के बढ़ने से पंखे गर्म हवा फेंक रहे है। कूलर ने काम करना बंद कर दिया है। ऐसे में रात हो अथवा दोपहर, लोगो को सोने में दिक्कतें हो रही है। जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डा आलोक मनदर्शन ने बताया कि भीषण गर्मी का दुष्प्रभाव जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों में साफ दिखाई दे रहा है। सोने के बाद बार-बार नींद टूटने से भयानक सपने, उलझन व बेचैनी वाली स्थिति इस तरह से हावी हो जाती है। जिसमें नींद से चौककर उठ जाना, भयाक्रांत मनोदशा से नींद के टूटने पर चीखना चिल्लाना, दिल की धड़कन तेज होना, मुंह सूखने जैसे लक्षण दिखाई पड़ सकते है। जिसे स्लीप मेयर व नाईट मेयर कहा जाता है। इसके साथ में नींद अचानक से उठकर उटपटांग हरकते करना, चीखना चिल्लाना व बार बार पेशाब जाना जैसे लक्षण दिखाई देने लगते है। इसे पैरासोमनिया स्लीप डिसऑर्डर कहा जाता है।

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