गैस की किल्लत से संकट में आए होटल कारोबारी से लेकर स्ट्रीट वेंडर
Ayodhya News - अयोध्या में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के कारण एलपीजी सिलेंडर की कमी हो गई है, जिससे स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और छोटे रेस्टोरेंट को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने गैस न मिलने के कारण अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। होटल और रेस्टोरेंट संचालक तंदूर और भट्ठी खरीदने के लिए मजबूर हो गए हैं।

अयोध्या, संवाददाता। वर्तमान में मध्य पूर्व में चल रहे ईरान और अमेरिका इजरायल के बीच युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर कामर्शियल और रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर पड़ा है। एलपीजी सिलेंडर के अभाव में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के सामने रोजी रोजगार का भी संकट खड़ा हो गया है। इस संकट से स्ट्रीट फूड विक्रेता, होटल और छोटे रेस्टोरेंट बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर आपूर्ति न होने के कारण दुकानें बंद करने या पारंपरिक चूल्हों का उपयोग करने पर दुकानदारों व होटल संचालकों को मजबूर होना पड़ा है। होटलों और रेस्टोरेंट संचालकों ने गैस की भारी किल्लत और बढ़ी हुई कीमतों के कारण विकल्प के तौर तंदूर और भट्ठियां खरीदनी शुरू कर दी है।
मांग को बढ़ता देख कोयले की भट्ठियों की मांग तेजी से बढ़ी है। वहीं कई छोटे व्यवसायी मजबूरन लकड़ी या कोयले के पारंपरिक चूल्हों का सहारा ले रहे हैं। लकड़ी और कोयल की भी मांग अचानक बढ़ गई है। लेकिन इसकी बिक्री अभी सामान्य दिनों की तरह ही है। ‘हिन्दुस्तान’ ने जब शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर स्ट्रीट वेंडर्स होटलों और गैस एजेंसियों की पड़ताल की तो कई तरह की समस्याएं सामने आईं।घरेलू गैस की प्राथमिकता के कारण कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति चेन बाधित हुई है, जिससे स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और रेस्टोरेंट मालिकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अयोध्या शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खानपान के कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। कई दुकानदारों ने गैस न मिलने के कारण अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। अयोध्या में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति तो नहीं रुकी है। इसके बावजूद रामनगरी में खानपान से जुड़े कारोबार पर बड़ा संकट खड़ा होने की आशंका बढ़ गई है। इसका सबसे अधिक असर स्ट्रीट फूड वेंडरों, छोटे रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और टिफिन सर्विस पर पड़ता दिख रहा है। इन कारोबारियों के पास सीमित सिलिंडर स्टॉक होता है, जो एक-दो दिन में खत्म हो सकता है। अयोध्या में बड़ी संख्या में नौकरी पेशा लोग, मजदूर, बाहर से आए विद्यार्थी और कामगार रोजाना खाने के लिए इन छोटे रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड दुकानों पर निर्भर रहते हैं। अनुमान है कि करीब पांच लाख लोगों का भोजन सीधे तौर पर इस व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। रामपथ पर उदया चौराहे के आसपास करीब दो दर्जन स्ट्रीट वेंडर्स ठेले लगाकर खानपान की सामग्री बेचते हैं। इन ठेलों पर कामर्शियल और घरेलू गैस सिलिंडर का उपयोग किया जाता है। लेकिन गैस न मिलने से स्ट्रीट वेंडरों के सामने दो से तीन दिनों के बाद बड़े संकट की आशंका है। उदया चौराहे के पर छोला भटूरा का ठेला लगाने वाले प्रदीप यादव का कहना है कि गैस सिलिंडर कहीं नहीं मिल रहा है। मजबूरी में उनको मनकापुर से सिलिंडर मंगवाना पड़ा है। कामर्शियल सिलिंडर तो मिल ही नहीं रहा है, घरेलू सिलिंडर के लिए मारा मारी मची है। साढ़े नौ सौ वाला एलपीजी 1200 से 1800 रुपए में ब्लैक में बिक रहा है। बेनीगंज रेलवे क्रासिंग के पास मिठाई की दुकान चलाने वाले राशिद कहते हैं कि बड़ा सिलिंडर मिल ही नहीं रहा है। छोटा सिलिंडर लगाकर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। दो-तीन दिन बाद हो सकता है कि यह भी न मिले।होटल और रेस्टोरेंट संचालक विकल्प में खरीद रहे भट्ठी और तंदूरअयोध्या। कामर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने और ऑनलाइन बुकिंग न होने के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के माथे पर परेशानी का पसीना आने लगा है। अयोध्या शहर और आसपास के क्षेत्रों में 50 से अधिक होटल और 200 से अधिक रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं। लेकिन एलपीजी की किल्लत के कारण होटल और रेस्टोरेंट का चलाने में बड़ी दिक्कत आने लगी है। गैस के भावी संकट के मद्देनजर होटल और रेस्टोरेंट के साथ मिठाई बनाने वालों ने विकल्प के तौर पर भट्ठी और तंदूर खरीदना शुरू कर दिया है। अचानक भट्ठी और तंदूर की मांग बढ़ गई है। शहर के लालबाग कुम्हार टोला में भट्ठी बनाने वाले सदल प्रजापति कहते हैं कि गैस की किल्लत के कारण तंदूर और भट्ठी की बहुत तेजी से मांग बढ़ रही है। पहले उनके यहां दो-चार भट्ठियां बड़ी मुश्किल से बिकती थीं। लेकिन विगत दो दिनों से 10 से 12 भट्ठियों और तंदूर का रोज आर्डर आ रहा है। शहर के जो भी छोटे बड़े होटल हैं, वह सभी उनके यहां से तंदूर और भट्ठी बनवाकर ले जा रहे हैं। रायबरेली हाईवे पर स्थित राजा राम स्वीट्स के संचालक जितेन्द्र मिश्रा का कहना है कि उनकी मिठाई की दुकान और रेस्टोरेंट है। कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहा है, अब पता नहीं यह समस्या कब तक रहेगी। इसलिए वह यहां भट्ठी और तंदूर खरीदने आये हैं। वजीरगंज रोड पर स्थित होटल राज पैलेस के कर्मचारी दिनेश मिश्र कहते हैं कि उनके यहां कामर्शियल एलपीजी सिलिंडर अब खत्म हो रहे हैं। इसलिए विकल्प के तौर पर तीन चार भट्ठी और तंदूर मंगवाकर रख लिया है।
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