सरकार के फरमान के बाद भी थम नहीं रहा पराली जलाने का काम
Ayodhya News - सरकार की कोशिशों के बावजूद किसान खेतों में पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। किसानों को जागरूक करने के लिए गोष्ठियों और ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन इससे कोई खास परिणाम...

तारुन, संवाददाता। सरकार का खेतों में पराली जलाने को रोकने के तमाम कोशिशों के बावजूद किसान खेतों में बेखौफ होकर पराली को जला रहे हैं। सरकार प्रदुषण को रोकने तथा वायु गुणवत्ता को शुद्ध बनाये रखने के लिए खेतों में पराली न जलाने के लिये किसानों को जागरूक कर रही है। इसके लिए वह गांवो में किसान गोष्ठियों के आयोजन करने के साथ ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्राम समाधान दिवस व ग्राम चौपालों में कृषि विभाग के कर्मचारी पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बावत ग्रामीणों को जानकारी देते रहते है। इतना ही नहीं न्याय पंचायत स्तर व ब्लॉक स्तर के कृषि विभागीय कार्यक्रमों में कर्मचारियों के अलावा कृषि विशेषज्ञों तथा अतिथियों द्वारा भी पराली को न जलाने की अपील की जाती है। परन्तु इन अपीलों का कोई सार्थक परिणाम दिखता नजर नहीं आ रहा है। प्रगतिशील सुरेन्द्र सिंह,राज बहादुर वर्मा, परमानन्द पाठक का कहना है कि गांवो से मजदूरों का पलायन तथा मवेशियों का न पालना पराली जलाने का प्रमुख कारण है। किसान आधुनिक मशीनों से धान की कटाई करा रहे हैं। इससे प्रदूषण बढ़ता है और खेतों के किसान मित्र किट नष्ट हो जाते है, जिसका असर उत्पादन पर पड़ता है।
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