बोले अयोध्या-महिला जागरुकता-पार्ट-2

बोले अयोध्या-महिला जागरुकता-पार्ट-2

संक्षेप:

Ayodhya News - है कि समय-काल की परिस्थिति के हिसाब से आजकल कई बार महिला कानूनों का दुरुपयोग होता है। संविधान और क़ानून में महिला-पुरुष समान हैं। सभी को न्याय मिले और

Dec 10, 2025 05:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, अयोध्या
share

इनसेट - आगे तो बढ़ी लेकिन अभी मंजिल बाकी है -इतिहास गवाह है कि नारी ने जब जो ठान लिया, उसको पूरा करके ही दम लिया। एक नारी दृढ़ प्रतिज्ञ हुई तो यमराज को भी उसके पति की जिंदगी वापस करनी पड़ी। वर्तमान में भी महिलाओं ने तमाम उदाहरण प्रस्तुत किया है। घर-परिवार तथा समाज और संगठन किसी की मदद कर सकता है, लक्ष्य प्राप्ति के लिए काम तो उसको ही करना पड़ेगा। इस दिशा में वर्तमान युग की चुनौतियों के सापेक्ष महिलाओं ने कदमताल करते हुए खुद को काफी बदला है। जानकारों का कहना है कि समय-काल की परिस्थिति के हिसाब से आजकल कई बार महिला कानूनों का दुरुपयोग होता है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

संविधान और कानून में महिला-पुरुष समान हैं। सभी को न्याय मिले और कानून का दुरुपयोग न हो, इसके लिए ऐसे कानूनों पर एक बार पुर्नविचार होना चाहिए। शक्ति स्वरूपा महिलाओं को अपनी काबिलियत से खुद को साबित करना चाहिए। इनसेट- सघन समीक्षा करनी होगी, क्या मिशन केन्द्र अपने उद्देश्य में हो पाया सफल मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रतीकात्मक रूप से कभी एक दिन का जिलाधिकारी और कभी थाना प्रभारी बनाया गया। यह सब महिलाओं की सुरक्षा,सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाये जा रहे मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण में शासन के निर्देश पर किया गया,लेकिन एक दिन की जिलाधिकारी अथवा अन्य अधिकारी बनी छात्रा ने व्यवस्था में बदलाव के लिए क्या निर्णय लिया और उसकी सोच तथा विचार क्या रहा। इसको न तो समझने की जरूरत समझी गई और न ही उसको कार्य व्यवहार में शमिल किया गया। बढ़ता साइबर अपराध विशेष रूप से सोशल मीडिया का गलत प्रयोग, महिला की सुरक्षा और उसके आत्मसम्मान के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। महिला और बालिका की निजता पर लगातर हमले हो रहे हैं। एक दिन की डीएम बनी छात्रा ने अपराध पर लगाम और महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा तथा त्वरित कार्रवाई व सुनवाई के लिए वह मेडिकल कालेज की तरह वन स्टॉप सेंटर स्थापना की बात कही थी। जिसके माध्यम से एक ही छत के नीचे त्वरित सुनवाई और कार्रवाई की व्यवस्था हो सके। उसने कामकाजी महिलाओं के लिए अलग से महिला चालक युक्त सवारी वाहन की व्यवस्था की इच्छा भी जताई थी। समीक्षा करनी होगी कि क्या मिशन केन्द्र अपने उद्देश्य में सफल हो पाया। --------------------- कारण की तलाश कर निवारण करना होगा शारदीय नवरात्र से चलाये जाने वाले मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण का आईजी प्रवीण कुमार ने शुभारंभ किया था। शासन की मंशा के मुताबिक अभियान को चलाने और महिला अपराध के मामलों में त्वरित तथा कठोर कार्रवाई का निर्देश है। अभियान के लिए शासन की ओर से विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया था लेकिन कई कार्यक्रम अभी तक नहीं हो पाए। अभियान का हर चरण परंपरागत रूप से चल रहा है। इन सरकारी जागरूकता कार्यक्रम का जुड़ाव स्वयं सहायता समूहों तथा सामाजिक संगठनों से नहीं हो पा रहा। गांव-गिराव जहां अशिक्षित महिलाओं तादाद ज्यादा है, वहां जागरूकता फैलाने टीम नहीं पहुंच पा रही। पुलिस के अलावा अन्य विभागों की सक्रियता और समन्वित प्रयास का अभाव दिख रहा है। जानकारों का कहना है कि शासन की मंशा को अमली जामा पहनाने के लिए समन्वय की जरूरत है और शासन-प्रशासन को कार्यक्रमों तथा अभियान की समीक्षा कर खामियों को दूर कराना होगा। तभी महिला सुरक्षा और स्वावलंबन आकार ले पाएगा। ----- फोटो कैप्शन फोटो नंबर-14 -महिला सुरक्षा पर विचार-विमर्श के लिए तारुन क्षेत्र में एकत्र महिलाएं फोटो नंबर 15-महिला सुरक्षा पर विचार-विमर्श के लिए शहर के एक होटल में एकत्र महिलाएं फोटो नंबर 16-महिला सुरक्षा व उन्नययन विषयक कार्यक्रम में मौजूद लोग (फाइल फोटो) फोटो नंबर 17 छात्राओं को कानून और पुलिस प्रक्रिया की जानकारी देते पुलिस कर्मी (फाइल फोटो) फोटो नंबर 18-चिकित्सा शिविर में मरीजों का पंजीकरण और काउंसलिंग करती छात्राएं फोटो नंबर 19-डोगरा रेजिमेंट के सैनिकों को रक्षासूत्र बांधती छात्रा --------- प्रस्तुति-प्रमोद पांडेय, भगवती वर्मा, फोटो-रवीन्द्र प्रताप सिंह --------------