फर्जीवाड़ा कर डीसीएम अपने नाम कराने में तीन साल की सजा
Ayodhya News - अयोध्या में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एक आरोपी को फर्जीवाड़ा करने के लिए तीन साल की कठोर सजा सुनाई है। आरोपी ने खुद को डीसीएम का मालिक बताकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करवाया था। रामू त्रिवेदी ने ओमप्रकाश शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।

अयोध्या संवाददाता। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सतीश कुमार मगन की अदालत ने फर्जीवाड़ा कर खुद को मालिक बता डीसीएम अपने नाम ट्रांसफर करवाने के मामले में आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा से सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में रामू ने ओमप्रकाश शुक्ला के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद विवेचक ने आरोप पत्र दाखिल किया। अधिवक्ता अजय वर्मा ने बताया कि उन्नाव जिले के रहने वाले रामू त्रिवेदी ने 9 जून 2008 को नर्मदा प्राइवेट लिमिटेड देवा रोड चिनहट लखनऊ से दो लाख रुपए जमा कर एक डीसीएम खरीदा था।
खरीदने के बाद गाड़ी को ओमप्रकाश शुक्ला निवासी गोडवा बरौकी थाना माल जिला लखनऊ को चलाने के लिए दिया था। तय हुआ था कि ओमप्रकाश गाड़ी चलाएगा और गाड़ी की किस्त जमा करने के बाद जो रुपए बचेगे उसमें दोनों का बराबर हिस्सा होगा। चालक ने आरटीओ कार्यालय फैजाबाद में खुद गाड़ी मालिक रामू त्रिवेदी बनकर सभी कागजों पर हस्ताक्षर किया और रजिस्ट्रेशन करवाया। रजिस्ट्रेशन के बाद गाड़ी मालिक रामू की फोटो लगा आरटीओ कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी हस्ताक्षर बना वाहन को अपने नाम करवा लिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए सजा दी।
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