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कृषि विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ मुकदमा , निलंबित

अयोध्या/कुमारगंज,संवाददाता। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौ‌द्योगिक विश्ववि‌द्यालय में सोमवार को हुए छात्र आत्महत्या...

कृषि विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ मुकदमा , निलंबित
हिन्दुस्तान टीम,अयोध्याTue, 14 May 2024 11:40 PM
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अयोध्या/कुमारगंज,संवाददाता। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौ‌द्योगिक विश्ववि‌द्यालय में सोमवार को हुए छात्र आत्महत्या मामले में मृतक के भाई ने एसोसिएट प्रोफेसर के ऊपर मानसिक प्रताड़ना सहित कई अन्य मामलों में केस दर्ज कराया है। इसके बाद कुलपति ने भी सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। उन्होंने सोमवार की देर शाम छात्रों के हंगामे के बाद जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया था। इसके बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ था। कुलपति ने मृतक के परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की है और हरसंभव मदद का भी आश्वासन दिया है। हालांकि केस दर्ज हो जाने के बाद से आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई है।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज में शोध छात्र के आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। प्रकरण में मृतक छात्र के भाई हरिवंश सिंह ने पुलिस को तहरीर दे कर आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ विशुद्धानंद द्वारा जातीय भावना से ग्रसित होकर उसके अध्यनरत भाई यशपाल सिंह की तीन बार थीसिस रिजेक्ट कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था। यहां तक कि बीते 20 दिन पूर्व उनके ताऊ का निधन हो जाने के बाद घर तक जाने की छुट्टी नहीं दी गई थी। डिग्री भी रोके जाने की धमकी दी जाती थी और बीते 12 मई को उसके भाई का डेटा काट दिया गया था जबकि 13 मई उसके भाई का फाइनल सेमिनार भी था। उन्होंने बताया कि उत्पीड़न की यह सब बात अक्सर उनका भाई फोन कर बताता था। प्रभारी निरीक्षक रतन सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद आत्महत्या के लिए विवश करने की धारा में केस दर्ज कर लिया गया है।

विश्वविद्यालय कमेटी के पहली जांच में ही दोषी पाई गए एसोसिएट प्रोफेसर

मंगलवार की सुबह नौ बजे कुलसचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने कुलपति के साथ दो घंटे तक बैठक की और अपनी आख्या प्रस्तुत किया। प्रथम जांच में ही दोषी पाए जाने के बाद आरोपी शिक्षक को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया गया। विवि के कुलपति ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना के संबंध में स्नातक, परास्नातक एवं पीएचडी के छात्र-छात्राओं के आई.डी नंबर के साथ व्यक्तिगत जानकारी समिति दर्ज करेगी। पुख्ता सबूतों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। कुलपति ने निष्पक्ष जांच के लिए कुलसचिव डा. पी.एस प्रमाणिक की अध्यक्षता में कुल 10 लोगों की उच्च स्तरीय समिति गठित की है। जिसमें निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डा. ए. के सिंह, कृषि अधिष्ठाता डा. प्रतिभा सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डा. डी. के. दिवेदी, वानिकी अधिष्ठाता डा. संजय पाठक, सामुदायिक विज्ञान अधिष्ठाता डा. साधना सिंह, सुरक्षा अधिकारी आर. के सिंह, डा. नवाज खान, डा. सी.एन राम, डा. नीरज यादव शामिल हैं।

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