सीएमओ की रिपोर्ट में लापरवाही का जिक्र नहीं, क्लीन चिट देने की तैयारी

Newswrap हिन्दुस्तान, अयोध्या
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Ayodhya News - अयोध्या, संवाददाता। शहर के रिकाबगंज बल्लाहाता में हुई महिला की मौत में सीएमओ ने

सीएमओ की रिपोर्ट में लापरवाही का जिक्र नहीं, क्लीन चिट देने की तैयारी

अयोध्या, संवाददाता। शहर के रिकाबगंज बल्लाहाता में हुई महिला की मौत में सीएमओ ने अपनी आख्या जिलाधिकारी को भेजा है। लेकिन इस आख्या में केवल निरीक्षण का जिक्र है। आख्या में प्रसव के दौरान लापरवाही के बारें में रिपोर्ट नहीं की गई है। जानकारों की मानें तो पुलिस मामले में तभी एफआईआर दर्ज कर सकती है, जब प्रसव के दौरान चिकित्सीय लापरवाही उजागिर हो। इस रिपोर्ट से चिकित्सा सेवा विभाग में तरह तरह की चर्चा हो रही है। कहा जा रहा है कि इसका लाभ आरोपी पक्ष को मिलेगा।प्रकरण में नोडल अधिकारी नर्सिंग डा. आशुतोष श्रीवास्तव, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. सादमा खान, डा. पीसी भारती की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच किया था।

स्वास्थ्य विभाग ने अपनी आख्या में कहा है कि मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हास्पिटल का निरीक्षण करने के दौरान डा. अंजली श्रीवास्तव ने खुद को गोण्डा में बताया। यहां तीन महिला सीजेरियन भर्ती थी। भर्ती महिला मरीजों ने प्रसव डा. अंजली श्रीवास्तव के द्वारा किया जाना बताया। मौके पर मौजूद मैनेजर ने मृतका की बीएचटी उपलब्ध नहीं कराई। न कोई अन्य चिकित्सीय अभिलेख दिया। मैनेजर ने जांच समिति के सामने डा. अंजली श्रीवास्तव को कई बार फोन किया। लेकिन उनका फोन स्वीच आफ बता रहा था। इन कमियों के आधार पर अस्पताल को सील कर दिया गया। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर निरीक्षक चौकी इंचार्ज रघुवीर सिंह ने अपने पर संरक्षित किया है।पूरी रिपोर्ट में केवल निरीक्षण का जिक्र है। जबकि नियमों के मुताबिक प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने के लिए चिकित्सीय लापरवाही की बात सामने आनी चाहिए। जिससे यह साबित हो सके कि महिला की मौत चिकित्सीय लापरवाही बरतने के कारण अथवा मानक विहीन हास्पिटल संचालन की वजह से हुई है। मृतका के पति द्वारा लगाए गये आरोपों की जांच भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा नहीं की गई। मृतका के पति का आरोप था कि डिलीवरी के समय कोई डाक्टर मौके पर मौजूद नहीं था। डिलीवरी केवल अस्पताल के स्टाफ के द्वारा कराया गया। इस रिपोर्ट में डिलीवरी में मानको का प्रयोग हुआ अथवा नहीं इसका जिक्र नहीं है। डिलीवरी करने वाली स्टाफ की योग्यता इसके लिए थी अथवा नहीं। रिपोर्ट में यह भी नहीं लिखा है। इसके साथ में सीएमओ की तरफ से मामले में एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति भी नहीं की गई है। अब पुलिस सीएमओ की इस रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर नहीं दर्ज कर सकती है। इसके लिए उच्चाधिकारियों का आदेश अथवा कोई विशेषज्ञ रिपोर्ट की जरुरत है। जो चिकित्सीय लापरवाही को उजागिर करे। सीओ सिटी श्रेयस त्रिपाठी ने बताया कि सीएमओ द्वारा प्रेषित रिपोर्ट के आधार पर जांच करके प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी।प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर अश्वनी पाण्डेय ने बताया कि सीएमओ ने निरीक्षण आख्या भेजी है। चिकित्सकीय लापरवाही के बारें में जानकारी देने को लेकर उन्हें पत्र भेजा था। जिसका जवाब अभी तक उनकी तरफ से नहीं आया है।---

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