रामनगरी में पर्यटन को लगे पंख, अर्थव्यवस्था की ऊंची उड़ान

हिन्दुस्तान, अयोध्या
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रामनगरी अयोध्या में पर्यटन उद्योग को प्राण प्रतिष्ठा के बाद तेजी से बढ़ावा मिला है। 2025 में 29 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की आमद से स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त हुई है। होटल, रेस्टोरेंट और होमस्टे में वृद्धि हुई है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हुए हैं। अयोध्या अब विकास का प्रतीक बन गई है।

रामनगरी में पर्यटन को लगे पंख, अर्थव्यवस्था की ऊंची उड़ान
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से पर्यटन उद्योग को पंख लग चुके हैं। लगातार हो रही श्रद्धालुओं की आमद से अर्थव्यवस्था ने ऊंची छलांग लगाई है। पर्यटन से जुड़े क्षेत्र में काम करने वाले स्थानीय लोगों के दिन अब बदल चुके हैं। होटल रेस्टोरेंट होमस्टे एवं ट्रेवल से जुड़े लोगों के आमदनी में भरपूर इजाफा हुआ है। पूजा सामग्री प्रसाद समेत अन्य धार्मिक वस्तुओं से जुड़े कारोबारी भी मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। केवल 2025 की बात करें तो अयोध्या में 29 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन धरती पर आकर अपनी हाजिरी लगाई। अभी बीते रामनवमी पर्व की ही बात करें तो अयोध्या में 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने राम मंदिर सेम टी विभिन्न मंदिरों में जाकर दर्शन पूजन किया। राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। और यदि 2017 से तुलना करें तो उस वर्ष करीब 1.78 करोड़ श्रद्धालु आए थे। वहीं 2025 में तो रिकॉर्ड स्तर 29.96 करोड़ की वृद्धि देखी गई, जिससे अयोध्या विश्व के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन स्थलों में शुमार हो गई। विदेशी पर्यटकों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसमें अमेरिका, जापान, रूस आदि देशों से आने वाले श्रद्धालु शामिल हैं। दीपोत्सव, राम नवमी और अन्य उत्सवों के दौरान तो रोजाना लाखों श्रद्धालु सरयू नदी के घाटों और मंदिर परिसर में उमड़ पड़ते हैं।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहा सेवा क्षेत्र

अयोध्या का सेवा क्षेत्र अब आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और ऑनलाइन दर्शन बुकिंग जैसी सुविधाएं श्रद्धालुओं को सहज अनुभव दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास और विरासत के मंत्र के तहत अयोध्या को विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल बनाने का कार्य निरंतर चल रहा है।

मंदिरों और धार्मिक स्थलों का कायाकल्प

श्री राम जन्मभूमि मंदिर के अलावा हनुमान गढ़ी, कनक भवन, नया घाट, राम की पैड़ी आदि धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया गया। आधुनिक सुविधाओं से लैस रोशनी, साफ-सफाई, सीसीटीवी निगरानी और बेहतर यातायात व्यवस्था ने श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाया है। सड़कों का चौड़ीकरण, एयरपोर्ट का विस्तार, रेल कनेक्टिविटी में सुधार और बस स्टेशनों का आधुनिकीकरण श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध करा रहा है। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे मॉडल अपनाया गया है, जिससे गांवों की संस्कृति भी पर्यटकों तक पहुंच रही है।

होटल और आवास सुविधाओं में तेजी से विस्तार

अयोध्या में होटल और आवास सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। छोटे-बड़े होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं और लग्जरी रिसॉर्ट्स की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। टाटा समूह सहित कई बड़े निवेशक यहां निवेश कर रहे हैं। पहले जहां सीमित सुविधाएं उपलब्ध थीं, अब आधुनिक एसी कमरे, रेस्तरां, वाई-फाई और अन्य सुविधाओं से युक्त होटल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, बढ़ते पर्यटकों की मांग को देखते हुए आवास क्षमता कई गुना बढ़ाई गई है, जिससे कोई भी श्रद्धालु बिना ठहरने की चिंता के अयोध्या आ सके।

पर्यटन से स्थानीय रोजगार के नए अवसर, स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त

धार्मिक पर्यटन ने अयोध्या की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है। स्थानीय लोगों को होटल, रेस्तरां, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, प्रसाद और स्मृति चिन्ह बिक्री जैसे क्षेत्रों में रोजगार मिल रहा है। अनुमान है कि पर्यटन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इससे युवाओं का पलायन रुका है और स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त हुई है।

व्यापार में मुनाफा, रोजाना हजारों की बिक्री

विनय गुप्ता हनुमान गढ़ी के एक प्रसाद और स्मृति चिन्ह की दुकान चलाते हैं, बताते हैं कि पहले दिन में मुश्किल से 200-300 रुपये का कारोबार होता था। अब राम मंदिर के बाद रोजाना हजारों रुपये का बिक्री हो रही है। पर्यटकों की भीड़ से हमारी आय कई गुना बढ़ गई है।

स्थानीय निवासी राजेश कुमार बताते हैं कि वह जो छोटा गेस्ट हाउस चलाते हैं। कहते हैं मंदिर आने से पहले हमारे यहां खाली कमरे पड़े रहते थे। अब तो बुकिंग महीनों पहले हो जाती है। विदेशी पर्यटक भी आ रहे हैं, जो हमारी संस्कृति देखकर बहुत खुश होते हैं। सरकार की योजनाओं से हमें ट्रेनिंग और लोन मिला, जिससे हमने अपना व्यवसाय बढ़ाया। अयोध्या अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विकास का प्रतीक बन गई है।

आने वाले वर्षों में पर्यटन राजस्व हजारों करोड़ तक पहुंचने का अनुमान

अयोध्या की अर्थव्यवस्था अब मुख्य रूप से पर्यटन, आस्था और होटल उद्योग पर आधारित हो गई है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में पर्यटन राजस्व हजारों करोड़ तक पहुंच सकता है। यह विकास न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है।

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